चहल ने अपने मैसेज में बताया कि उनके लिए रेड-बॉल क्रिकेट सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं था, बल्कि इससे उन्होंने धैर्य, मजबूत सोच और मुश्किल परिस्थितियों में टिके रहने की कला सीखी. उन्होंने लिखा, “मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी सिर्फ एक और फॉर्मेट नहीं था. यहीं मैंने धैर्य, चरित्र और मुश्किल समय में डटे रहने का मतलब सीखा. कई घंटों तक मैदान पर रहकर हर रन और हर विकेट के लिए लड़ने में मुझे असली खुशी मिली.” चहल ने बताया कि लॉर्ड्स में खेला गया उनका आखिरी फर्स्ट-क्लास मुकाबला इस सफर का अंतिम मैच रहा.
टेस्ट कैप का सपना नहीं हुआ पूरा
भारतीय टीम के लिए टेस्ट खेलने का सपना चहल के दिल में कई सालों से था. हालांकि, उन्हें कभी टेस्ट टीम में खेलने का मौका नहीं मिला. अपने फैसले के बारे में उन्होंने कहा; “लॉर्ड्स में अपना आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच खेलना मेरे लिए भावुक पल था. टेस्ट कैप हमेशा मेरा सपना रही, जिसे मैंने कई सालों तक अपने साथ रखा. यह सपना पूरा नहीं हुआ, लेकिन अपने सफर से मैं पूरी तरह संतुष्ट हूं और इस फॉर्मेट में मिले हर मौके के लिए बेहद आभारी हूं.”
वनडे और टी20 में वापसी की उम्मीद
रेड-बॉल क्रिकेट को अलविदा कहने के बावजूद चहल ने साफ किया कि भारत के लिए खेलने की उनकी इच्छा अभी खत्म नहीं हुई है. वह अब वनडे और टी20 क्रिकेट में वापसी के लिए पूरी कोशिश करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, “देश के लिए खेलने की भूख अभी भी पूरी तरह कायम है. मुझे लगता है कि मेरे अंदर अभी क्रिकेट बाकी है और वनडे और टी20 फॉर्मेट में एक और मौका हासिल करने के लिए मैं अपना सब कुछ दूंगा.” चहल ने भारत के लिए आखिरी मैच अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 में खेला था. उनका आखिरी वनडे मुकाबला 24 जनवरी 2023 को न्यूजीलैंड के खिलाफ था.