बड़ौदा के टॉप ऑर्डर बल्लेबाज प्रियांशु मोलिया ने अपना टैलेंट एक बार फिर साबित किया है. सिर्फ 21 साल के इस बल्लेबाज ने जम्मू-कश्मीर के खिलाफ शतक नहीं, दोहरा शतक नहीं बल्कि तिहरा शतक ठोक दिया.
प्रियांशु ने वडोदरा में खेले जा रहे मैच में 321 रनों की पारी खेली, वो अंत तक नाबाद रहे. वडोदरा की टीम 616 रनों पर ऑल आउट हुई जिसमें प्रियांशु के तिहरे शतक के अलावा महेश पिथिया ने शानदार शतक जड़ा. बता दें प्रिंयाशु का ये शतक ऐतिहासिक है क्योंकि 79 साल बाद वडोदरा के किसी बल्लेबाज ने रणजी ट्रॉफी में तिहरा शतक ठोका है.
प्रियांशु मोलिया का ऐतिहासिक तिहरा शतक
प्रियांशु मोलिया ने गुल मोहम्मद के बाद वडोदरा के लिए तिहरा शतक लगाने का कमाल किया है. गुल मोहम्मद ने 1947 में होल्कर के खिलाफ 319 रनों की पारी खेली थी. प्रियांशु ने उन्हें पछाड़ दिया है. साथ ही 1947 के बाद वडोदरा के किसी बल्लेबाज ने ट्रिपल सेंचुरी लगाई है. इससे पहले 2016 में दीपक हुड्डा ने 293 रनों की पारी खेली थी.
प्रियांशु मोलिया कौन हैं?
प्रियांशु मोलिया का जन्म 17 जून, 2025 को राजकोट में हुआ था. ये खिलाड़ी इंडिया अंडर 19 टीम का भी सदस्य रहा है. साल 2024 में अंडर 19 वर्ल्ड कप टीम का वो हिस्सा थे. इस खिलाड़ी ने सिर्फ 17 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू कर लिया था और उन्होंने लगातार दो शतक लगाए थे. नॉरी कॉन्ट्रैक्टर के बाद किसी बल्लेबाज ने ऐसा किया था. हाल ही में उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में भी 2 शतकों की मदद से 379 रन ठोके थे.
पिता की कुर्बानी
प्रियांशु को क्रिकेटर बनाने के लिए उनके पिता सुरेश मोलिया ने बड़ी कुर्बानियां दी. वो हीरे के बिजनेस में काम करते थे लेकिन अपने बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी. इसके बाद उन्होंने प्रियांशु की प्रैक्टिस और मैच ट्रैवल पर पूरा ध्यान दिया. बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए उन्होंने घर राजकोट से वडोदरा शिफ्ट किया, जहां मोहिंदर लाला अमरनाथ क्रिकेट एकेडमी में प्रियांशु ने पहले साल 1100 और दूसरे साल 1500 रन बनाए. एक मैच में उन्होंने 556 रनों की पारी भी खेली थी. अब ये खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी में अपना जलवा दिखा रहा है.