तिरुवनंतपुरम वनडे में वेस्टइंडीज को कमाल शुरुआत देने वाले ओपनर जॉन कैम्पबेल ने गुवाहाटी में भी अपने बल्ले का कमाल दिखाया. बाएं हाथ के इस ओपनर ने महज 29 गेंदों में अर्धशतक लगाया और इसके बाद ये खिलाड़ी..गेंदों में शतक तक पहुंच गया.
जॉन कैम्पबेल ने भारतीय तेज गेंदबाजों की जबरदस्त पिटाई करते हुए अपने वनडे करियर में दूसरा शतक ठोका. जॉन कैम्पबेल ने तकनीक और पावर का गजब मेल दिखाते हुए प्रसिद्ध कृष्णा, आकिब नबी और गुरनूर बराड़ की जमकर धुनाई की. स्पिनर कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा भी उन्हें नहीं रोक सके. प्रसिद्ध कृष्णा के एक ओवर में तो उन्होंने 22 रन कूट दिए. वैसे क्या आप जानते हैं कि इस खिलाड़ी पर चार सालों का बैन लग चुका है और वो भी खून नहीं देने की वजह से.आइए आपको बताते हैं क्या है कहानी.
जॉन कैम्पबेल पर क्यों लगा था बैन?
जमैका का ये बल्लेबाज बेहद ही टैलेंटेड माना जाता है लेकिन साल 2022 में उनके करियर पर बड़ा ब्रेक लगा. दरअसल अप्रैल 2022 में उन्होंने डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर्स को ब्लड सैंपल देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद जमैका के एंटी डोपिंग कमिशन ने उनपर चार सालों का बैन लगा दिया. बाद में कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट में अपील करने के बाद उनका बैन घटाकर 22 महीने कर दिया गया और अगस्त 2024 में उनका बैन खत्म हुआ. बड़ी बात ये है कि जॉन कैम्पबेल बैन के बाद सुपर 50 के फाइनल में टॉस करने नहीं पहुंचे और उनपर फिर चार मैचों का सस्पेंशन लगा लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया.
घरेलू क्रिकेट में कमाल प्रदर्शन कर वापसी
जॉन कैम्पबेल ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर वेस्टइंडीज की टीम में वापसी की. बाएं हाथ के इस खिलाड़ी टेस्ट में भारत के खिलाफ सेंचुरी लगाई और अब वनडे सीरीज के दूसरे मैच में भी उन्होंने शतक ठोक दिया है. बता दें कैम्पबेल ने 7 साल बाद वनडे शतक लगाया है. पिछला शतक उन्होंने 2019 में आयरलैंड के खिलाफ ठोका था.