India vs Japan T20 मैच के दौरान एक वाइड बॉल को लेकर खूब विवाद हुआ है। असल में वह विवाद था ही नहीं। अंपायर ने भले ही अपना फैसला बदल लिया हो और वाइड बॉल को लीगल बॉल बता दिया हो, लेकिन फिर भी कुछ लोगों को लगता है कि भारत ने अंपायर पर दबाव बनाकर ऐसा कराया।
असल में मामला यह है कि अंपायर ने पहले गलत फैसला दिया था, जिसे आईसीसी के एलीट पैनल के अंपायर के कहने पर उन्होंने बदल दिया था। इसी के बारे में पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने बता की है, जो खुद मानते हैं कि उनको भी लगा था कि गेंद वाइड है, लेकिन बाद में जो फैसला हुआ, वही सही फैसला था।
आकाश चोपड़ा ने इंडिया वर्सेस जापान वाले मैच में हुए वाइड बॉल विवाद को लेकर समझाया, “पहले वाइड दी गई और फिर उसे बदला गया। इस पर नियम क्या हैं? यहां तक कि मैं खुद उस समय कमेंट्री कर रहा था और मेरी जो अंडरस्टैंडिंग उस समय थी, वह गलत थी। मुझे लगता था कि अगर आपने स्विच हिट नहीं किया यानी आपने अपने हाथ नहीं बदले या बैट की ग्रिप नहीं बदली तो गेंद वाइड रहेगी। अगर आपने सिर्फ रिवर्स स्वीप किया तो गेंद इस केस में वाइड रहेगी। ये मेरी समझ थी, लेकिन मैं भी गलत था।”
वाइड के नियम भी आकाश ने समझाए
उन्होंने आगे बताया, “वाइड के जो नियम है, उसके हिसाब से अगर कोई स्विट हिट मारे या रिवर्स स्वीप मारे तो दोनों ही मामलों में दोनों साइड ऑफ साइड मानी जाती हैं और बेनेफिट ऑफ डाउट गेंदबाज को दे दिया जाता है। इसमें दूसरा कॉम्प्लिकेशन यह था कि गेंद फेंकते समय क्या बल्लेबाज ने स्टांस चेंज किया? इस पर भी मेरी समझ अलग थी। मुझे लगता था कि अगर गेंद फेंकते समय बल्लेबाज ने स्टांस चेंज नहीं किया तो भी गेंद वाइड रहेगी, लेकिन ऐसा नहीं है। गेंद भले ही बीच में हो, लेकिन फिर भी गेंद दोनों साइड 75 सेंटीमीटर तक लीगल रहेगी।”
क्रिकेट को बारीकी से अपने यूट्यूब चैनल पर कवर करने वाले आकाश चोपड़ा ने कहा, “मैंने इसके बाद नियम पढ़े और अंपायर्स को सुना। इसके बाद मैंने पाया कि अंत में फैसला अंपायर का ही सही रहा है। ICC के जो नए नियम है। उसमें स्विच हिट और रिवर्स स्वीप को अलग नहीं रखा है। आपने स्विच हिट मारा या रिवर्स स्वीप मारा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। दोनों ही शॉट्स को वो एक ही नजरिए से देखते हैं। यही कारण है कि इस तरह के मामले में गेंद को लीगल करार दिया जाता है।”
अंपायर ने बदलवाया फैसला- आकाश चोपड़ा
उन्होंने इसी कड़ी में आगे ताया, “तीसरी बात जो आती है कि अंपायर ने वाइड देने के बाद अपना डिसिजन बदला क्यों भाई? तो वहां पर दो अंपायर्स थे। एक जो स्क्वायर लेग वाले अंपायर थे वो एक्चुअली ICC के एलीट लेवल के अंपायर थे और दूसरे जो थे वो थोड़े से लोकल अंपायर हैं, जो वहां लोकल अंपायरिंग करते हैं। उनकी समझ नियमों को लेकर थोड़ी सीमित होती है। जब वो वाइड करार दी गई तो भारतीय कप्तान ने जाके आईसीसी के एलीट पैनल के अंपायर से जाकर बोला कि यार ये क्या कर रहे हो? देखो शायद उनको पता नहीं होगा। आपको तो पता है ना रूल क्या है तो समझा दो यार। यहां डीआरएस नहीं है। इसके बाद उन्होंने जाकर बात की और अंपायर ने अपना निर्णय बदल लिया। क्यों? क्योंकि सही निर्णय आना चाहिए और ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। ऐसा अनेकों बार हो चुका है कि अंपायर ने खुद के डिसीजन को पलट दिया हो।”
इसके बाद उन्होंने भारतीय टीम पर उठाए जा रहे सवालों का भी जवाब दिया कि अमीर क्रिकेट बोर्ड ने फैसला बदलवा लिया। इस पर आकाश ने कहा, “अब भारत को गालियां देने के लिए ना बहुत सारे लोग हैं और वो होता है यह कि जिस भी पेड़ पर फल लगते हैं, उसे पत्थर मारने के लिए लोग बहुत आते हैं और हमारे पड़ोसी तो बहुत ही सारे आते हैं। वह बहुत बड़ी संख्या में आते हैं, वहां के पूर्व क्रिकेटर भी उसमें कूद जाते हैं कि देखो चीटिंग कर रहा है और देखो बायस्ड है, देखो आईसीसी इनका है। असल में यार तुम खेलते नहीं हो ढंग से, जो कोई ढंग से खेल रहा है, उसे पचा नहीं पा रहे।”