EXPLAINED: टेस्ट से संन्यास के बाद क्या मोहम्मद शमी को मिलेगा वनडे वर्ल्ड कप में खेलने का मौका?

नई दिल्ली: भारतीय टेस्ट टीम का पिछले एक दशक में पूरी दुनिया में परचम लहराने में अहम भूमिका निभाने वाले तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने सबसे बड़े फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। पिछले तीन साल से शमी टेस्ट टीम में वापसी की बाट जोह रहे थे लेकिन घुटने को चोट से उबरने के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम के लिए सफेद जर्सी पहनकर खेलने का मौका नहीं मिला।

दीपावली से दो दिन पहले उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहकर सबको चौंका दिया। शमी घरेलू क्रिकेट में लगातार शिरकत कर रहे थे और विकेट भी चटका रहे थे लेकिन वो प्रदर्शन टेस्ट टीम में वापसी के लिए नाकाफी रहा। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि क्या उन्हें अगले साल दक्षिण अफ्रीका, जिंबाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में आयोजित होने जा रहे वनडे विश्व कप के लिए भारतीय टीम में शामिल होने का मौका मिलेगा?

आईपीएल में रिटेन होने पर रहेगी नजर

शमी को 14 नवंबर से शुरू होने जा रही सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए बंगाल की टीम में शामिल किया गया है। शमी आईपीएल में वर्तमान में लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम का हिस्सा हैं। शमी को पिछले सीजन लखनऊ सुपर जायंट्स ने सनराइजर्स हैदराबाद के साथ ट्रेड के जरिए अपनी टीम में 10 करोड़ रुपये की कीमत पर शामिल किया था। पिछले सीजन उन्होंने 13 मैच में 12 विकेट 38.25 के औसत से अपने नाम किए थे। ऐसे में उनके रिटेन होने की संभावना बेहद कम है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करके वो अपनी जगह टीम में बनाए रख सकते हैं।

औसत रहा रणजी ट्रॉफी के पहले दौर में प्रदर्शन

रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन के शुरुआत चरण में शमी ने 3 मैच की 6 पारी में 14 के औसत से 14 विकेट चटकाए हैं। 30 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के बाद रणजी ट्रॉफी के दूसरे चरण में शमी सफेद जर्सी में बंगाल की टीम के लिए खेलते नजर आएंगे यहां उनकी नजर विजय हजारे ट्रॉफी के लिए फिटनेस बनाए रखने और विजय हजारे ट्रॉफी के लिए टीम में जगह बनाने पर होगी। क्योंकि यहीं से शमी की असली परीक्षा शुरू होती है।

विजय हजारे ट्रॉफी में प्रदर्शन पर निर्भर है वापसी

वनडे टीम में वापसी के लिए शमी को 14 दिसंबर से 8 जनवरी के बीच आयोजित होने वाली विजय हजारे ट्रॉफी में धमाल मचाना होगा। शमी आईसीसी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं। साल 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया की खिताबी जीत के बाद शमी वनडे टीम से बाहर चल रहे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ 9 मार्च, 2025 को शमी ने अपना आखिरी वनडे मैच खेला था। विजय हजारे ट्रॉफी में पिछले सीजन शमी ने 7 मैच की 7 पारी में 24.53 के औसत और 6.09 की इकोनॉमी के साथ कुल 15 विकेट अपने नाम किए थे। वो सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों में 12वें पायदान पर साझा रूप से थे। इस बार उन्हें इससे बेहतर प्रदर्शन करना होगा क्योंकि इसी पर उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का भविष्य टिका है।

मुश्ताक अली और विजय हजारी ट्रॉफी तय करेंगी भविष्य

भारतीय टीम में युवा गेंदबाजों को लगातार मौका मिल रहा है। कई नए युवा गेंदबाजों को आजमाया गया है। न्यूजीलैंड दौरे पर गुरनूर बराड़ और अंशुल कंबोज ने कुछ मौकों पर बेहतरीन गेंदबाजी की है। मौजूदा भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के पास अनुभव की कमी है यह कमी साफ तौर पर मुश्किल वक्त में झलकती है। इसके अलावा तेज गेंदबाज लगातार फिटनेस से भी जूझ रहे हैं। प्रसिद्ध कृष्णा लगातार चोटिल हो रहे हैं। बुमराह का वर्क लोड मैनेज किया जा रहा है। बार-बार चोटिल होने की वजह से हार्दिक पांड्या वैकल्पिक तेज गेंदबाज की भूमिका पूर्णकालिक तरीके से नहीं निभा पा रहे हैं।

वर्तमान में शमी जैसे अनुभवी तेज गेंदबाजी की जरूरत भारतीय टीम को है। गंभीर और गिल के पास शमी को आजमाने के लिए जिसतक उन्होंने टी20 टीम में भुवनेश्वर कुमार को तीन साल बाद वापसी का मौका मिल सकता है। ये उनके पास विश्व कप के लिए टीम में शामिल होने का पहला और आखिरी मौका होगा। दिसंबर में श्रीलंका के खिलाफ तीन मैच की वनडे सीरीज के लिए भी शमी की वापसी वनडे टीम में हो सकती है लेकिन इसके लिए शमी को अपनी उम्र को धत्ता दिखाकर सैयद मुश्ताक अली और विजय हजारे ट्रॉफी की कसौटी पर खुद को कसना होगा।

Leave a Comment