पाकिस्तान में खेले जा रहे वनडे त्रिकोणीय सीरीज में गुरुवार (29 अक्टूबर) को इंग्लैंड ने श्रीलंका को 55 रनों से हराया। लाहौर में इस जीत से इंग्लैंड को पाकिस्तान में लगातार 6 मैचों में हार का सामना करना पड़ा था।
उसे पाकिस्तान में 21 साल बाद जीत मिली। इससे पहले उन्होंने पाकिस्तान में आखिरी जीत 2005 की वनडे सीरीज के दौरान हासिल की थी।
इंग्लैंड की जीत के नायक ओपनर बेन डकेट रहे। उन्होंने अपने वनडे करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए 132 गेंद पर 167 रनों की पारी खेली। इंग्लैंड के 386/5 के स्कोर में डकेट और टॉम बैंटन (74) ने पहले विकेट के लिए 163 रन जोड़े। इसके बाद लियाम डॉसन ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 49 रन देकर 4 विकेट लिए। इससे श्रीलंका की पूरी टीम 331 रन पर आउट हो गई। हालांकि, पवन रत्नायके ने 118 रनों की आक्रामक पारी खेली।
इंग्लैंड की शुरुआत धीमी रही
गद्दाफी स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत धीमी रही। असिता फर्नांडो ने पहला ओवर मेडन डाला। इसके बाद श्रीलंकाई तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट पिच गेंदें डालनी शुरू कर दीं, जिसका फायदा इंग्लैंड के ओपनर्स ने उठाया। पावरप्ले में इंग्लैंड ने बिना किसी नुकसान के 62 रन बनाए और डकेट ने 46 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। दासुन शनाका ने अपने पहले ही ओवर में सफलता दिलाई। बैंटन एक धीमी गेंद को खेलने के प्रयास में अपने ही स्टंप्स पर मार बैठे।
डकेट ने 89 गेंदों में शतक जड़ा
डकेट ने 89 गेंदों में अपना छठा वनडे शतक जड़ा। उन्होंने दूसरे विकेट के लिए हैरी ब्रूक के साथ 75 गेंदों में 107 रन जोड़े, जिसमें ब्रूक ने 34 गेंदों पर 44 रन बनाए। ब्रूक एक ‘स्कूप’ शॉट खेलने के चक्कर में फर्नांडो को उनकी ही गेंद पर कैच थमा बैठे। हालांकि, डकेट डटे रहे और 165 रन के अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ स्कोर को पीछे छोड़ दिया। यह स्कोर उन्होंने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था।
अविष्का फर्नांडो को बेकर ने 6 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान दिया
आखिरकार 42वें ओवर में इशान मलिंगा की एक धीमी फुल टॉस गेंद पर डकेट शॉर्ट फाइन लेग पर कैच आउट हो गए। अपनी पारी में उन्होंने 24 चौके लगाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका ने सोनी बेकर की गेंद पर कामिंदु मेंडिस का विकेट जल्दी गंवा दिया। अविष्का फर्नांडो को बेकर ने 6 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान दिया था। उन्होंने कप्तान कुसल मेंडिस के साथ 84 रन की साझेदारी की। डॉसन ने इस साझेदारी को तोड़ा। अविष्का 48 रन बनाकर लॉन्ग-ऑफ पर कैच आउट हो गए।
इंग्लैंड 400 रन के आंकड़े से 14 रन दूर रह गया
जॉर्डन कॉक्स (27 गेंदों में 43 रन) और सैम करन (12 गेंदों में नाबाद 21 रन) की मदद से इंग्लैंड का स्कोर 375 के पार पहुंच गया, लेकिन पारी के अंतिम ओवरों में फर्नांडो की सटीक यॉर्कर गेंदों के कारण इंग्लैंड 400 रन के आंकड़े से 14 रन दूर रह गया। इशान मलिंगा ने अपने 10 ओवरों में 101 रन दिए।
डॉसन ने शनाका को एलबीडब्ल्यू आउट किया
मेंडिस ने 71 गेंदों में 89 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के शामिल थे। इसके बाद जो रूट की गेंद पर वे विकेट के पीछे कैच आउट हो गए। वहीं डॉसन ने शनाका को एलबीडब्ल्यू आउट किया। इससे श्रीलंका का स्कोर 186/4 हो गया। हालांकि, रत्नायके ने जीत की उम्मीद बनाए रखी। उन्होंने पांचवें विकेट के लिए जनिथ लियानागे के साथ मिलकर सिर्फ 38 गेंदों में 72 रन जोड़े।
रत्नायके ने सेहान अराचिगे के साथ 41 गेंदों में 57 रन जोड़े
लियानागे ने रूट के एक ओवर में लगातार 2 छक्के जड़े, जिसमें कुल 18 रन बने। जब लियानागे मिड-ऑफ पर बेकर की गेंद पर कैच आउट हुए, तो रत्नायके ने सेहान अराचिगे के साथ मिलकर 41 गेंदों में 57 रन जोड़े। ओस गिरने लगी थी और श्रीलंका को 78 गेंदों में 112 रनों की जरूरत थी। मैच कहीं भी जा सकता था, लेकिन 43वें ओवर में हेनरी क्रोकॉम ने अराचिगे को आउट कर दिया।
श्रीलंका के 45वें ओवर में 2 विकेट गिरे
इसके बाद गलतफहमी के चलते दुनिथ वेलालागे रन आउट हो गए। फिर 45वें ओवर में 2 विकेट गिरे। पहले अच्छी लय में खेल रहे रत्नायके एक स्वीप शॉट खेलते हुए टॉप-एज लगने से आउट हुए। फिर असिथा फर्नांडो डीप में कैच आउट हो गए। 46वें ओवर में सैम करन ने मलिंगा को बोल्ड करके मैच खत्म कर दिया।
भारत ने 17 ओवर में जीता 50 ओवर का मैच
भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज का तीसरा मुकाबला 8 विकेट से जीता और सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। 132 रन का लक्ष्य भारत ने 17 ओवर में ही हासिल कर लिया। इस मुकाबले में वैष्णवी शर्मा के 5 विकेट के बाद प्रतिका रावल और शैफाली वर्मा ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं।