अफगानिस्तान के खिलाफ एक टी20 सीरीज जीतने का जिम्बाब्वे का सपना एक बार फिर पूरा नहीं हो सका. UAE के शारजाह में चल रही अफगानिस्तान-जिम्बाब्वे की इस टी20 सीरीज के दूसरे मैच में भी अफगान टीम ने जीत दर्ज की और सीरीज अपने नाम कर ली.
जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने एक बेहतरीन शतक जमाया और अकेले टीम के लिए जूझते रहे लेकिन ये भी जिम्बाब्वे को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं था. अफगानिस्तान ने 19 रन से मैच अपने नाम किया.
सिकंदर का शतक भी नहीं आया काम
अजमतुल्लाह ओमरजई के हैरतअंगेज शतक के दम पर अफगानिस्तान ने पहले बैटिंग करते हुए 221 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया था. जिम्बाब्वे के लिए ब्रायन बैनेट और इनोसेंट काइया ने तेज शुरुआत की लेकिन इन दोनों के आउट होने के बाद जिम्बाब्वे की पारी लड़खड़ा गई और सिर्फ 82 रन पर 5 विकेट गिर गए. ऐसे हालात में कप्तान सिकंदर रजा अकेले डट गए और अफगानिस्तान पर टूट पड़े. उन्हें तफादज्वा सिगा का साथ जरूर मिला लेकिन ज्यादातर काम रजा ने ही किया.
जिम्बाब्वे के कप्तान ने चौके-छक्कों की झड़ी लगाते हुए टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया. मगर राशिद खान और अब्दोल्लाह अहमदजई के बेहतरीन स्पैल ने रन रेट को लगातार काबू में रखा. इसका ही असर हुआ कि सिकंदर रजा की कोशिशें रंग नहीं ला सकीं. हालांकि, पारी के आखिरी ओवर में रजा ने तीसरी गेंद पर अपना शतक पूरा किया, जो सिर्फ 54 गेंदों में आया. ये रजा के करियर का दूसरा शतक था. वो टी20 इंटरनेशनल में 2 शतक जमाने वाले जिम्बाब्वे के पहले बल्लेबाज बन गए. रजा ने 56 गेंदों में 106 रन बनाए, जिसमें 9 छक्के और 5 चौके शामिल थे.
लगातार 8वीं सीरीज हारा जिम्बाब्वे
आखिरकार जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 202 रन तक ही पहुंच सकी, जिसमें 106 रन अकेले कप्तान रजा ने बनाए थे. ये लगातार 8वीं टी20 सीरीज है, जिसमें जिम्बाब्वे को अफगानिस्तान के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी है. वहीं अफगानिस्तान की इस बेहतरीन जीत के स्टार अजमतुल्लाह ओमरजई रहे, जिन्होंने सिर्फ 46 गेंदों में अपना पहला T20I शतक जमाया. छठे नंबर पर उतरे ओमरजई ने ये शतक ऐसे वक्त में ठोका, जब टीम ने सिर्फ 5 रन पर 4 विकेट और 38 रन तक 5 विकेट गंवा दिए थे. उन्होंने 50 गेंदों में 116 रन बनाए, जिसमें 12 छक्के और 5 चौके शामिल थे.