2021 से 2024 तक भारत के बॉलिंग कोच रहे पारस म्हाम्ब्रे ने दिग्गज तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी टेस्ट करियर के बारे में बात की। भारतीय टीम में लाला नाम से मशहूर शमी का करियर शुक्रवार (7 नवंबर) को 229 विकेट के साथ खत्म हुआ।
म्हाम्ब्रे ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘आपने देखा होगा कई खिलाड़ी जीपीएस वेस्ट पहनते हैं, है ना? वह ट्रैकिंग वाली चीज। मोहम्मद शमी को यह बिल्कुल पसंद नहीं था। हर बार ट्रेनर आता और कहता, ‘शमी भाई, पहन लो यार।’ शमी कहते थे, ‘नहीं यार, मुझे खुजली होती है। या मैं ये पहनूंगा, या बॉलिंग करूंगा।’ ट्रेनर दलील देगा कि इसने हमें डेटा दिया। शमी असहमत होंगे। मैंने हमेशा उस बातचीत का आनंद लिया।’
मोहम्मद शमी बिल्कुल वैसा ही हैं जैसे आपने उनके मजेदार इंटरव्यू देखे होंगे। मैदान के अंदर हो या बाहर, उनका यह अंदाज कभी नहीं बदलता। उन्हें अपना परिवार पसंद है। उन्हें अपने आस-पास अपने दोस्त अच्छे लगते हैं। वह ऐसे इंसान नहीं हैं जो टूर पर जाने पर होटल के अलावा कहीं और घूमे-फिरे। उन्हें अपना घर पसंद है। अगर वह यूपी में कहीं भी हों, तो वह अपने घर चले जाएंगे। इस मामले में वह बहुत सीधे-सादे इंसान हैं।
शमी की योजनाएं भी बहुत सरल होती थीं
मैदान पर शमी की योजनाएं भी बहुत सरल होती थीं। मैं खुद से पूछता था, ‘इस बल्लेबाज के बारे में सबसे अहम जानकारी क्या है? बस उन्हें वह जानकारी दे दो। फिर थोड़ा और बता दो, जैसे कि वह अक्सर किस तरह आउट होता है। क्या कोई खास पैटर्न है जैसे एलबीडबल्यू होना, या गली में कैच देना? बस यह पक्का कर लो कि ये जानकारियां एकदम सटीक हों।
शमी कैसे करते थे तैयारी
अगर आप जाकर शमी से कहें कि ‘मुझे चाहिए कि तुम ऐसा करो, वैसा करो’, तो मुझे पता है कि वह नहीं मानेंगे। उन्हें अच्छी तरह पता था कि किसी सीरीज या टेस्ट मैच से पहले कैसे तैयारी करनी है और वह उसी हिसाब से काम करते थे। बस यही बात थी। उन्हें बस वही करने दिया जाता था जो वह करना चाहते थे।
भारत को शमी की कमी खलेगी
शमी में असाधारण कौशल था। भारत को उनकी कमी खलेगी। उनके रिकॉर्ड को ही देख लीजिए। उपमहाद्वीप हो या कोई और जगह, उन्होंने विकेट लिए हैं, जबकि हमारी पिचें तेज गेंदबाजी के लिए मददगार नहीं होतीं। वहां उन्होंने जो करके दिखाया, वह वाकई कमाल है।
शमी बहुत तेज
शमी अपनी गति से आपको चौंका देंगे। टीवी पर वह जितना तेज दिखते हैं, असल में उससे कहीं ज्यादा तेज हैं। जब आप उन्हें करीब से देखते हैं, तो आपको पता चलता है कि उनमें कितनी ज्यादा ताकत है। हवा में वह जितना दिखते हैं, उससे कहीं ज्यादा तेज और सटीक हैं। यही तो उनके खेल का रहस्य है।
श्रीसंत जैसी सीधी सीम प्रेजेंटेशन
फिर बात आती है सीम की। मुझे नहीं लगता कि श्रीसंत के अलावा दुनिया में किसी और के पास वैसी सीम प्रेजेंटेशन थी। एकदम सीधी। बाकी गेंदबाजों की सीम आमतौर पर थोड़ी झुकी हुई होती है, है ना? लेकिन शमी की सीम एकदम सीधी होती थी। जब आप सीम को सीधा देखते हैं, तो आमतौर पर आपको अंदाजा हो जाता है कि गेंद किस लाइन या एंगल पर जाएगी, लेकिन जब कोई लगातार ऐसी सीम के साथ गेंदबाजी करता है, तो बल्लेबाज को यह समझ नहीं आता कि गेंद अंदर आएगी या बाहर जाएगी। इससे बल्लेबाज के मन में उलझन पैदा होती है। इसके साथ ही उनका बेहतरीन कंट्रोल और जिस लाइन व चैनल पर वह गेंदबाजी करते थे, उसे देखते हुए यह समझ आता है कि क्यों उनके सामने इतने सारे बल्लेबाज ‘बोल्ड’ या ‘लेग-बिफोर’ (LBW) आउट होते थे।
शमी को अपनी काबिलियत से कमतर बर्ताव करते नहीं देखा
शमी का इरादा बिल्कुल साफ था। उनके समर्पण पर कोई शक नहीं किया जा सकता। वह किसी भी दिन अपना 100 प्रतिशत देते थे। एक सीनियर गेंदबाज से आप बस यही उम्मीद करते हैं। मैंने कभी उन्हें अपनी काबिलियत से कमतर बर्ताव करते नहीं देखा।
दिन खराब जाने पर दुखी नहीं होते थे शमी
चाहे उनका दिन अच्छा रहा हो या बुरा, उनका बर्ताव हमेशा एक जैसा रहता था। वह इधर-उधर घूमते और बाकी लोगों से बातचीत करते रहते थे। वह ऐसे इंसान नहीं थे जो एक कोने में बैठकर अपना दिन खराब जाने का दुख मनाएं। दिन चाहे अच्छा रहा हो या बुरा, जब भी टीम को उनकी जरूरत होती, वह हमेशा मौजूद रहते थे। एक सीनियर गेंदबाज के लिए यह बहुत बढ़िया रवैया है।
शमी को बेहतरीन गेंदबाजों में से एक माना जाएगा
शमी हमारे देश और दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों में से एक माना जाएगा। बिल्कुल। इशांत शर्मा ने 100 टेस्ट मैच खेले हैं, लेकिन शमी ने जो लगभग 60 टेस्ट (64 मैचों में 229 विकेट) खेले हैं, उनमें उनका प्रदर्शन बहुत शानदार रहा है। शायद 10-15 साल बाद लोग पीछे मुड़कर देखेंगे और कहेंगे कि शमी भारत के सबसे बेहतरीन गेंदबाजों में से एक थे। शमी बड़े मजेदार इंसान हैं। उन्होंने कभी जीपीएस वेस्ट नहीं पहनी।
मोहम्मद शमी ने लिया संन्यास
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने 13 साल के सफर पर विराम लगा दिया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी। मोहम्मद शमी ने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लिए। उन्होंने अपने संदेश में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई), द क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB), साथी खिलाड़ियों, कोच और प्रशंसकों का आभार जताया। पूरी खबर पढ़ें।