IPL 2026 SRH vs DC: सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2026 के 31वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को 47 रन से हरा दिया. हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में मिली इस जीत के साथ ही हैदराबाद की टीम अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गई. उसके लिए मुकाबले में विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा ने तूफानी शतक लगाया.
वह 135 रन बनाकर नाबाद रहे. उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी दिया. इसके बाद उन्होंने अपने करियर और परिवार को लेकर कई खुलासे किए.
अभिषेक शर्मा ने मैच के बाद बताया कि उन्होंने और ट्रैविस हेड ने पावरप्ले का पूरा फायदा उठाने की योजना बनाई थी. हालांकि, मैदान पर उतरने के बाद उन्हें लगा कि विकेट थोड़ा धीमा है, जिसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली. अभिषेक का मुख्य उद्देश्य पावरप्ले का उपयोग करना और हैदराबाद के दर्शकों का मनोरंजन करना था. बता दें कि सनराइजर्स ने 20 ओवर में 2 विकेट पर 242 रन बनाए. जवाब में दिल्ली की टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 195 रन ही बना सकी.
सफलता का श्रेय किसे दिया?
68 गेंदों की पारी में 10 चौके और 10 छक्के लगाने वाले अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय टीम के कोच और कप्तान को दिया. उन्होंने इस ओपनर बल्लेबाज को खेलने की पूरी आजादी दी. अभिषेक ने कहा कि एक युवा खिलाड़ी के रूप में कप्तान का समर्थन बहुत महत्वपूर्ण होता है. उनके अनुसार, सनराइजर्स हैदराबाद का 2024 का माहौल उनके लिए गेम-चेंजर था, क्योंकि वहां युवाओं को आगे बढ़ाने और जीतने की योजना है.
‘L’ सेलिब्रेशन का असली मतलब क्या है?
अभिषेक शर्मा ने अपने खास ‘L’ सेलिब्रेशन के बारे में खुलासा किया कि यह स्टेडियम और फैंस के प्रति उनके प्यार का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि फैंस जिस तरह से होटल से लेकर मैदान तक टीम का समर्थन करते हैं, यह उनके लिए प्यार दिखाने का एक तरीका है. यह सेलिब्रेशन उन्होंने अपने साथी खिलाड़ी ट्रैविस हेड के साथ मिलकर शुरू किया था.
अभिषेक ने अपनी ऐतिहासिक पारी किसे समर्पित की?
प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने के बाद अभिषेक काफी भावुक नजर आए. उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता स्टैंड्स में मौजूद थे, जो उनके लिए बहुत खास पल था. हालांकि, उनकी बहन इन्फेक्शन के कारण मैच देखने नहीं आ सकीं. अभिषेक ने अपनी शानदार रनों की पारी अपनी बहन को समर्पित करते हुए कहा, ”यह तुम्हारे लिए है.”
मैदान पर पिता अभिषेक को किस तरह निर्देश देते हैं?
अभिषेक ने एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया कि उनके पिता अंडर-12 के दिनों से ही स्क्रीन के पास बैठकर उन्हें निर्देश देते रहे हैं. आज भी जब अभिषेक नॉन-स्ट्राइकर एंड पर होते हैं, तो उनके पिता उन्हें बताते हैं कि कैसे खेलना है. अभिषेक ने कहा कि पिता की तरफ देखकर उन्हें निर्देश मिलना उनके खेल में काफी मददगार साबित होता है.