भारत की पहली वनडे में कुलदीप का कमाल
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में कठिनाई का सामना किया। कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल द्वारा चुनी गई प्लेइंग इलेवन ने निराश किया, लेकिन कुलदीप यादव ने अपनी गेंदबाजी से स्थिति को संभाल लिया।
मोहम्मद सिराज जैसे अनुभवी गेंदबाज को बाहर बैठाने का निर्णय गलत साबित हुआ। वेस्टइंडीज के ओपनर्स ने शतकीय साझेदारी कर भारत को संकट में डाल दिया था। कुलदीप ने 4 विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया, जिससे वेस्टइंडीज 7 विकेट पर 295 रन ही बना सकी।
कुलदीप यादव ने रविवार (27 सितंबर) को वेस्टइंडीज के खिलाफ अपनी शानदार गेंदबाजी से वनडे में वापसी की। तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में उन्होंने 10 ओवर में केवल 40 रन देकर 4 विकेट लिए। कानपुर के इस गेंदबाज ने जॉन कैंपबेल को आउट करके अपने विकेटों का खाता खोला। कैंपबेल ने 60 गेंदों में 62 रन बनाए। 20वें ओवर में कैंपबेल का कैच प्रसिद्ध कृष्णा ने लपका। इसके बाद कुलदीप ने शाई होप, जस्टिन ग्रीव्स और ज्वेल एंड्रयू को भी आउट किया।
वेंकटेश प्रसाद की बराबरी
कुलदीप यादव ने शाई होप का विकेट लेकर भारत के लिए वनडे में 196 विकेट लेने वाले वेंकटेश प्रसाद की बराबरी की। इसके बाद उन्होंने जस्टिन ग्रीव्स को एलबीडब्ल्यू आउट कर प्रसाद को पीछे छोड़ दिया। ग्रीव्स को कुलदीप ने पारी के 36वें ओवर की तीसरी गेंद पर पवेलियन भेजा।
कुलदीप ने पलट दिया मैच
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार शुरुआत की। जॉन कैंपबेल और जस्टिन ग्रीव्स ने 135 रन की साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए। ऐसे में कप्तान शुभमन गिल ने कुलदीप को गेंदबाजी के लिए बुलाया। कुलदीप ने न केवल साझेदारी तोड़ी, बल्कि कसी गेंदबाजी से बल्लेबाजों को रन बनाने में भी परेशानी दी। कुलदीप की घातक गेंदबाजी के कारण वेस्टइंडीज ने 135 रन पर कई विकेट गंवाए। कैंपबेल 62 रन बनाकर आउट हुए जबकि ग्रीव्स ने 101 रन की पारी खेली।