टी20 लीग की बढ़ती लिस्ट में अब एक और नया नाम जुड़ गया है- अफगानिस्तान प्रीमियर लीग (APL). अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से आयोजित हो रही इस टी20 लीग का आगाज दिसंबर 2026 के अंत में होगा और लीग के मुकाबले UAE में खेले जाएंगे.
इसके लिए अभी खिलाड़ियों का ऑक्शन होना बाकी है और इसके लिए खिलाड़ियों का पूल तैयार किया गया है. मगर इस पूल में कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं है. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों को इस लीग में हिस्सा लेने से रोक दिया है.
27 दिसंबर 2026 से APL का नए रूप और अंदाज में आगाज होने वाला है. अफगान बोर्ड की ओर से फ्रेंचाइजी टी20 लीग के आयोजन का ये दूसरा प्रयास है. असल में इस लीग की शुरुआत 2018 में हुई थी लेकिन तब एक ही सीजन के बाद इसे रोक दिया गया था. अब पूरे 8 साल के बाद फिर से इसे आयोजित किया जा रहा है और इस बार अफगान बोर्ड इसे ज्यादा से ज्यादा सफल बनाने की कोशिश कर रहा है. इसके लिए कई बड़े विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी भी अहम है.
हालांकि इस लीग में अफगानिस्तान के पड़ोसी देश पाकिस्तान के खिलाड़ी खेलते हुए नजर नहीं आएंगे. पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, PCB ने अपने खिलाड़ियों को इस लीग में खेलने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने से मना कर दिया है. पाकिस्तानी बोर्ड नहीं चाहता कि उसके खिलाड़ी दिसंबर-जनवरी में होने वाली इस लीग का हिस्सा बनें. मगर इस फैसले की वजह क्या है, ये फिलहाल साफ नहीं है और इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं.
दोनों देशों के बीच बिगड़ते रिश्तों की भी इसमें भूमिका हो सकती है लेकिन इसे लेकर स्पष्ट रूप से कोई बयान नहीं आया है. हालांकि, पाकिस्तानी बोर्ड ने पिछले 2-3 सालों में टी20 लीग को लेकर एक पॉलिसी भी बनाई थी. इसके तहत पाकिस्तानी बोर्ड के सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट में आने वाले खिलाड़ियों को एक साल में 2 से ज्यादा विदेशी टी20 लीग में खेलने की अनुमति नहीं मिल सकती.
मगर सिर्फ टी20 स्पेशलिस्ट या बिना कॉन्ट्रेक्ट वाले खिलाड़ियों को लेकर इस तरह की कोई बंदिश नहीं है. ऐसे में अगर उन्हें भी खेलने की इजाजत नहीं मिल रही तो इससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये सिर्फ खिलाड़ियों बोर्ड की पॉलिसी तक सीमित है या इसमें दोनों देशों के रिश्तों की तल्खी बड़ी वजह बन रही है. आपको बता दें कि हाल ही में पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में हवाई हमले किए थे. दोनों देशों के बीच मार्च 2026 में भी 3-4 दिन तक लगातार अंधाधुंध गोलाबारी हुई थी.