सॉफ्टबॉल से मजबूत होंगे भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते

ईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल के जरिए अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में मजबूती के प्रयास हो रहे हैं। भारतीय सॉफ्टबॉल संघ और न्यूजीलैंड सॉफ्टबॉल संघ के बीच इस खेल के समग्र विकास एवं प्रोत्साहन के लिए चार वर्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

भारतीय सॉफ्टबॉल संघ के अध्यक्ष और स्थानीय विधायक रमेश मेंदोला ने बताया कि नई दिल्ली में दोनों देशों के खेल संघों के प्रतिनिधिनियों ने इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

यह समझौता भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को और मजबूत करने के साथ भारतीय सॉफ्टबॉल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि यह साझेदारी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच बढ़ते खेल सहयोग की भावना के अनुरूप है।

दोनों देशों के बीच खेल सहयोग को आगे बढ़ाते हुए कोचिंग, खेल विज्ञान, तकनीक, उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण एवं युवा खेलों तक विस्तारित करने की दिशा में यह समझौता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एमओयू पर न्यूजीलैंड सॉफ्टबॉल के बोर्ड सदस्य जे. चांगलानी एवं भारतीय सॉफ्टबॉल संघ के महासचिव डॉ. प्रवीण अनावकर ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर भारतीय सॉफ्टबॉल संघ के संयुक्त सचिव वसीम राजा खान और शिबानी टैगोर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। रमेश मेंदोला ने कहा कि यह केवल एक समझौता नहीं, बल्कि भारतीय सॉफ्टबॉल के लिए एक नए युग की शुरुआत है।

इस साझेदारी से देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से उभर रही प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और न्यूजीलैंड की यह साझेदारी भारतीय खिलाड़ियों को एशियाई खेलों, विश्व कप जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

हीरे के आकार के मैदान में होता है मुकाबला

सॉफ्टबॉल का खेल बेसबाल से मिलता-जुलता लोकप्रिय खेल है। बेसबाल से तुलना में यह छोटे मैदान पर बड़ी गेंद से खेला जाता है। यह खेल हीरे (डायमंड) के आकार के मैदान पर दो टीमों के बीच खेला जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच में सात पारियां होती हैं जबकि राष्ट्रीय स्तर के मैच पांच पारियों के होते हैं। एक पारी में तीन बल्लेबाज आउट होते हैं। इंदौर के चिमनबाग मैदान पर इस खेल का नियमित अभ्यास और स्पर्धाएं आयोजित होती हैं।

द्विपक्षीय सॉफ्टबॉल सीरीज

दोनों देशों में बारी-बारी से अंतरराष्ट्रीय सॉफ्टबॉल सीरीज आयोजित की जाएगी, जिससे भारतीय खिलाड़ियों को नियमित रूप से विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त होगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग

न्यूजीलैंड सॉफ्टबॉल संघ द्वारा भारतीय राष्ट्रीय टीमों के लिए उच्च प्रदर्शन वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों का सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे सीनियर, जूनियर एवं महिला टीमों की तैयारी को नई दिशा मिलेगी।

ग्रासरूट से हाई परफार्मेंस तक होगा विकास

दोनों देशों के राष्ट्रीय खेल संघ मिलकर खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अंपायरों एवं स्कोररों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, खेल विज्ञान तथा उच्च प्रदर्शन प्रणाली विकसित करेंगी। विशेष रूप से युवा एवं महिला खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

इंदौर में भी नियमित राष्ट्रीय टीमों के तैयारी शिविर आयोजित हो रहे हैं

भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह समझौता दोनों देशों के खिलाड़ियों के विकास में मददगार साबित होगा। भारतीय खिलाड़ियों को बेहतर अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल होगा। दोनों देशों के बीच नियमित द्विपक्षीय सीरीज से हमें उनके खेल को समझने और अपने खेल में सुधार करने का भी अवसर मिलेगा। बीते कुछ सालों में भारत ने सॉफ्टबॉल के खेल में काफी प्रगति की है। अब इंदौर में भी नियमित राष्ट्रीय टीमों के तैयारी शिविर आयोजित होते हैं। भविष्य में यहां न्यूजीलैंड की टीमों के शिविर भी आयोजित होंगे, जिससे शहर और प्रदेश में इस खेल के विकास की राह खुलेगी। – सविता पारखे, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी व कोच।

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