क्रिकेट के खेल में अनगिनत नियम हैं और समय की मांग के अनुसार इनमें लगातार बदलाव भी किए जाते रहे हैं। इसी कड़ी में क्रिकेट के नियम तय करने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने बल्लेबाज के बोल्ड होने से जुड़े एक नियम में बहुत बड़ा फेरबदल किया है।
एमसीसी के अध्यक्ष फ्रेजर स्टीवर्ट ने एक वीडियो संदेश के जरिए स्पष्ट किया है कि यदि कोई खिलाड़ी शॉट खेलता है और गेंद नॉन-स्ट्राइकर छोर पर लगे विकेट्स से टकराने के बाद लुढ़कते हुए बैटिंग एंड के विकेट पर लग जाती है, तो बल्लेबाज को ‘बोल्ड’ करार नहीं दिया जाएगा।
इस नए बदलाव के पीछे एक दिलचस्प वाकया है। एमसीसी अध्यक्ष ने बताया कि जूनियर काउंटी मैच के दौरान एक मैच में बल्लेबाज ने शॉट खेला और गेंद नॉन-स्ट्राइकर स्टंप्स पर जा लगी। इसके बाद वही गेंद लुढ़कती हुई वापस आई और उसने बैटिंग एंड के विकेट्स भी बिखेर दिए। पुराने क्रिकेट नियमों के तहत उस बल्लेबाज को आउट दे दिया गया था। लेकिन अब नए नियमों के दायरे में इस स्थिति को बदल दिया गया है। हालांकि ऐसे मामले मैदान पर बहुत कम देखने को मिलते हैं, लेकिन फिर भी किसी तकनीकी भ्रम या अनिश्चितता से बचने के लिए एमसीसी ने इस नियम को पूरी तरह से संशोधित कर दिया है।
गौरतलब है कि एमसीसी ने खेल को और अधिक रोमांचक और पारदर्शी बनाने के लिए कई अन्य अहम नियमों में भी संशोधन किया है। 1 अक्टूबर से लागू हुए नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई बल्लेबाज जानबूझकर अगली गेंद खेलने में समय बर्बाद करता है, तो उसे पहले दो बार चेतावनी दी जाएगी और तीसरी बार ऐसा करने पर फील्डिंग करने वाली टीम को 5 पेनल्टी रन दिए जाएंगे। इसके अलावा, दोनों टीमों के कप्तानों की आपसी सहमति से डे-नाइट टेस्ट मैचों में पिंक बॉल का इस्तेमाल किया जा सकेगा। टेस्ट मैच के दौरान अगर दिन के आखिरी ओवर में कोई बल्लेबाज आउट हो जाता है, तो खेल तुरंत समाप्त नहीं होगा, बल्कि उसकी जगह नया बल्लेबाज आकर क्रीज संभालेगा। खेल के इन बदलावों से क्रिकेट प्रेमियों को मैदान पर और अधिक रोमांच देखने को मिलेगा।