टीम इंडिया क्यों खेल रही इतना T20? वर्ल्ड कप 2026 के बाद सबसे ऊपर भारत, इतने पीछे है ऑस्ट्रेलिया

13 से 17 सितंबर के बीच अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैच. 20 सितंबर को जापान के खिलाफ 1 मैच. 28 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच एशियन गेम्स के 3 मैच. 6 से 17 अक्टूबर के बीच वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैच और 22 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैच.

सिर्फ 50 दिनों के अंदर भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 फॉर्मेट में ये सारे मैच खेले हैं. उससे पहले जिम्बाब्वे, इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर भी भारत ने कई टी20 खेले. मगर आखिर टीम इंडिया क्यों इतने टी20 मैच खेल रही है?

वर्ल्ड कप से अब तक सबसे ज्यादा मैच

टीम इंडिया ने इस साल फरवरी-मार्च में आयोजित टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया. भारत और श्रीलंका में खेले गए इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा किया. ये फाइनल 8 मार्च को खेला गया था. इसके बाद जून के अंत तक टीम इंडिया टी20 इंटरनेशनल से दूर रही. मगर जब वापसी हुई तो उसके बाद नॉन-स्टॉप एक्शन जारी है.

आंकड़े बताते हैं कि वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद से ही भारतीय टीम ने अब तक कुल 25 टी20 इंटरनेशनल खेल लिए हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी टी20 मैच को मिलाकर ये कुल 26 हो जाएंगे. ये पूरी दुनिया में टी20 इंटरनेशनल खेलने वाले सभी देशों में सबसे ज्यादा है. अगर सिर्फ ICC फुल मेंबर देशों की बात करें तो वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद अब तक भारत के बाद दूसरे नंबर पर जिम्बाब्वे है, जिसने 13 मैच खेले हैं, जबकि न्यूजीलैंड ने 11, बांग्लादेश और साउथ अफ्रीका ने 10-10 मैच खेले हैं. वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया है, जिसने सिर्फ 3 टी20 खेले हैं, जबकि सबसे नीचे आयरलैंड (2) है.

इसलिए खेल रही टीम इंडिया इतना T20

तो आखिर भारतीय टीम इतने टी20 मैच खेल क्यों रही है, जबकि बाकी टीमें इससे कम मैच खेल रही हैं? इसके कई जवाब हैं. सबसे अहम है- बाइलेटरल कमिटमेंट्स. भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने पहले ही कई देशों के साथ फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP) के तहत सीरीज तय की थीं. इसके चलते ये सीरीज खेली जा रही हैं. मगर इसके अलावा BCCI पिछले कुछ सालों से लगातार आयरलैंड और जिम्बाब्वे जैसे देशों का दौरा भी कर रहा है और वहां टी20 सीरीज खेल रहा है.

ऐसी सीरीज के जरिए BCCI न सिर्फ इन देशों के साथ क्रिकेट संबंध बरकरार रखता है, बल्कि इन देशों के क्रिकेट बोर्ड की कमाई में मदद करता है क्योंकि भारतीय टीम की मेजबानी करने से हर देश के क्रिकेट बोर्ड की सबसे ज्यादा कमाई होती है. साथ ही ऐसी सीरीज के जरिए भारतीय टीम अपने कुछ युवा खिलाड़ियों को भी इंटरनेशनल क्रिकेट का अनुभव हासिल करने का मौका देती है.

BCCI का लक्ष्य बहुत बड़ा

मगर सबसे अहम पहलू है टी20 की सबसे बड़ी ताकत बनने का लक्ष्य. दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग आयोजित करने के बावजूद भारतीय टीम को 16 साल तक कोई टी20 वर्ल्ड कप नहीं मिला था. मगर पिछले दोनों वर्ल्ड कप जीतकर टीम इंडिया ने अपना दबदबा दिखाया है. इसी दबदबे को बरकरार रखना BCCI का लक्ष्य है और उसी लक्ष्य का सबसे अहम पड़ाव 2028 है, जहां न सिर्फ भारतीय टीम वर्ल्ड कप की हैट्रिक लगाने उतरेगी, बल्कि पहली बार ओलंपिक में शामिल हो रहे टी20 क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीतने भी उतरेगी. यही वजह है कि टीम इंडिया लगातार टी20 क्रिकेट खेल रही है.

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