इरफान पठान का बड़ा बयान, बोले- बेटे को फास्ट बॉलर नहीं बनने दूंगा, स्पिन की सलाह देता हूं.

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने अपने बेटे के क्रिकेट को लेकर बड़ा खुलासा किया है. इरफान ने बताया कि उनका 9 साल का बेटा तेज गेंदबाज बनना चाहता है, लेकिन वह नहीं चाहते कि उनका बेटा तेज गेंदबाजी करे.

इरफान ने अपने अनुभव के आधार पर उसे स्पिन गेंदबाजी पर ध्यान देने की सलाह दी है. उनका मानना है कि तेज गेंदबाजी में शरीर पर काफी दबाव पड़ता है और लंबे समय तक इसे जारी रखना आसान नहीं होता.

इरफान ने एक इंटरव्यू में कहा,” उनके बेटे की कलाई अच्छी है और इसी वजह से उन्होंने उसे स्पिन गेंदबाजी करने के लिए कहा है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि बेटा तेज गेंदबाजी करना चाहता था, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर उसे अपनी पसंद बदलने की सलाह दी. इरफान खुद अपने करियर में तेज गेंदबाजी करते हुए कई चोटों से गुजरे हैं, इसलिए वह नहीं चाहते कि उनके बेटे को भी ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़े. उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाज बनने के लिए शरीर को काफी कुछ झेलना पड़ता है.”

तेज गेंदबाजी ने इरफान को दी कई चोटें
इरफान ने अपने करियर की उन चोटों को भी याद किया, जिनका सामना उन्हें तेज गेंदबाजी के दौरान करना पड़ा. उन्होंने बताया कि उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोटें लगीं. चेहरे पर गेंद लगने के बाद और भी कई चोट लगे. इसके अलावा कंधे में फ्रैक्चर, पीठ, गर्दन, हैमस्ट्रिंग और घुटनों से जुड़ी समस्याओं का भी उन्हें सामना करना पड़ा. इरफान का कहना है कि तेज गेंदबाजी बाहर से जितनी रोमांचक दिखती है, शरीर के लिए उतनी ही चुनौतीपूर्ण हो सकती है.

2010 में क्रिकेट छोड़ने की मिली थी सलाह
इरफान ने यह भी बताया कि एक समय उनकी चोटें इतनी गंभीर हो गई थीं कि 2010 में एक फिजियो ने उन्हें क्रिकेट छोड़ने तक की सलाह दे दी थी. उन्हें डर था कि लगातार खेलने से भविष्य में इरफान को चलने में भी परेशानी हो सकती है. हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और अपना क्रिकेट करियर जारी रखा. अपने इसी अनुभव को देखते हुए इरफान अब बेटे के लिए तेज गेंदबाजी के बजाय स्पिन को ज्यादा सुरक्षित विकल्प मानते हैं. हालांकि, अंतिम फैसला उनका बेटा ही करेगा कि वह आगे किस तरह की गेंदबाजी करना चाहता है.

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