इंडिया ए से बाहर होने के बाद बडोनी ने जड़े दो दोहरे शतक, कोच ने बताया क्या है कमी

दिल्ली के कोच विजय दहिया का मानना है कि युवा क्रिकेटर आयुष बडोनी बड़ी चीजों के लिए बने हैं, लेकिन वो खुद को ‘बहुत सस्ता’ बेचते हैं. दहिया ने कहा कि बडोनी में बहुत आगे जाने के गुण हैं, बस उन्हें खुद से और ज़्यादा की उम्मीद करनी होगी.

कुछ समय पहले तक, आयुष बडोनी इंडिया ए टीम की कप्तानी कर रहे थे और राष्ट्रीय चयन की दौड़ में मजबूती से शामिल दिख रहे थे. अगस्त में श्रीलंका दौरे तक वो इंडिया ए सेटअप का नियमित हिस्सा थे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज और न्यूज़ीलैंड के मौजूदा दौरे से उन्हें बाहर कर दिया गया. सीनियर टीम के दरवाजे पर दस्तक दे रहे एक क्रिकेटर के लिए ये अचानक की खामोशी पचाना मुश्किल रहा होगा. लेकिन कभी कभी ऐसे झटके खिलाड़ियों को अंदर झांकने पर मजबूर कर देते हैं. इंडिया ए से बाहर होने के बाद, रणजी ट्रॉफी में बडोनी के बल्ले ने उनकी क्षमता की झलक दिखाई है.

कोच दहिया की सीधी बात

 ने सर्विसेज़ के खिलाफ 7 और 17 रन बनाए, लेकिन गुजरात और झारखंड के खिलाफ मुश्किल पिचों पर लगातार दो दोहरे शतक जड़कर उन्होंने खुद को फिर से सुर्खियों में ला दिया. विजय दहिया, जिन्होंने बडोनी को दिल्ली के कोच के तौर पर और लखनऊ सुपर जायंट्स में उनके साथ रहते हुए विकसित होते देखा है, मानते हैं कि बडोनी में बहुत आगे जाने की क्षमता है. दहिया ने दिल्ली और सर्विसेज़ के बीच मैच ड्रॉ होने के बाद पालम में पत्रकारों से कहा, ‘बडोनी बड़ी चीज़ों के लिए बना है, लेकिन वो खुद को बहुत सस्ता बेचता है.’ उन्होंने बताया कि सीज़न से पहले बडोनी के साथ एक सीधी बातचीत हुई थी, जिसने शायद असर किया है.

क्रीज पर समय बिताने की सलाह

दहिया ने दिल्ली के कप्तान से कहा था कि वो अपने लिए हाई वैल्यू नहीं रखते. कोच ने ये भी बताया कि बडोनी की गेंदबाजों के साथ मुकाबले में उलझने की आदत पर ध्यान देने की ज़रूरत है. कुछ अच्छी गेंदों से परेशान होने के बजाय, उन्हें ज़्यादा धैर्य दिखाना होगा और विरोधी के प्रयासों का सम्मान करना होगा. दहिया ने कहा, ‘कभी कभी, जब कोई दो अच्छी गेंदें डालता है तो वो प्रभावित हो जाता है. उसे ये समझने की ज़रूरत है कि उसे गेंदबाज का भी सम्मान करना है. गेंदबाज अपना काम कर रहा है.’

दहिया ने बडोनी को क्रीज पर ज़्यादा समय बिताने का सीधा संदेश दिया था. उन्होंने कहा, ‘मैंने उससे कहा था कि उसे बीच में समय बिताने की ज़रूरत है. आप तभी रन बना सकते हैं जब आप बीच में हों.’ उन्होंने आगे कहा, ‘उसे मुश्किल समय से निपटना होगा और कहना होगा, ‘अगले आधे घंटे के लिए, शायद एक सेशन के लिए, मैं वो रहूंगा. फिर मैं रन बनाऊंगा’.’

इंडिया ए से बाहर होने का दर्द

दहिया ने इंडिया ए की कप्तानी करने के बाद टीम से बाहर किए जाने की निराशा की ओर भी इशारा किया. उन्होंने सुझाव दिया कि ये झटका हताशा का स्रोत बनने के बजाय प्रेरणा का काम करना चाहिए. दहिया ने कहा, ‘जब आप इंडिया ए की कप्तानी कर चुके हों और फिर आपकी बात भी न हो, तो ये दर्द देना चाहिए.’ बडोनी की प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है और दिल्ली के कोच अपने कप्तान की मुश्किल पिचों पर बड़ी पारियाँ खेलने की क्षमता से खुश हैं. उन्होंने जोड़ा कि बडोनी सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. दहिया ने कहा, ‘दो मुश्किल विकेटों पर उसने लगातार शतक और दोहरा शतक बनाया है. तो वो सही रास्ते पर है.’

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