भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20 सीरीज हो तो दिल्ली में रही है लेकिन इसका मेजबान अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड है. पहला मैच भारत ने एकतरफा अंदाज में जीता. लेकिन एक मामले में जीत अफगानिस्तान के हाथ भी लगी है.
दरअसल भारत और अफगानिस्तान के बीच जो पहला टी20 खेला गया उसके प्रोडक्शन की गजब तारीफ हो रही है. लाखों-करोड़ों फैंस ने इस मैच को टीवी पर देखा और उन्हें मैच की पिक्चर क्वालिटी काफी अच्छी लगी. आमतौर पर दिल्ली में जब मैच होते हैं तो मैदान ढंग से नहीं दिखता है, मैदान धुंधला सा दिखाई देता है. सवाल ये है कि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ऐसा क्या किया कि दिल्ली में होने वाले मैच की पिक्चर क्वालिटी ही बदल गई.
भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज में कौन सी तकनीक इस्तेमाल?
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस सीरीज में FIFA वर्ल्ड कप स्तर की तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है. अफगानिस्तान बोर्ड का प्रोडक्शन पार्टनर ITW Universe है और उसी ने ये तकनीक इस सीरीज में इस्तेमाल की है.इस तकनीक के तहत 30 कैमरे, AI-स्टेबिलाइज्ड POV कैमरे इस्तेमाल किए जा रहे हैं. टी20 सीरीज में अल्ट्रा-मोशन कैमरे (600 fps+), एडवांस्ड स्पाइडरकैम, ऑगमेंटेड रियलिटी और सिनेमैटिक स्टाइल का इस्तेमाल हो रहा है. अब फैंस बीसीसीआई पर आरोप लगा रहे हैं कि वो अपनी मेजबानी में अच्छी तकनीक का इस्तेमाल नहीं करती है जिसकी वजह से टीवी पर फैंस को अच्छी क्वालिटी नजर नहीं आती है. हालांकि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है इसका जवाब फिलहाल नहीं दिया जा सकता.
दिल्ली का मौसम भी साफ है
वैसे इसका एक कारण ये भी है कि दिल्ली का मौसम पहले से काफी ज्यादा साफ है. मॉनसून में हवा की क्वालिटी भी अच्छी रहती है और पॉल्यूशन कम रहता है. इसके अलावा अरुण जेटली स्टेडियम में पान मसाला के विज्ञापन भी नहीं लगे हुए जिससे टीवी पर तस्वीर और साफ नजर आ रही है.