अगर भारत ODI सीरीज जीतता है., शृंखला शुरू होने से पहले ही गंभीर ने बताया किसे मिलना चाहिए क्रेडिट

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रविवार को कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ चार नवंबर से शुरू होने वाली पांच मैचों की वनडे शृंखला में अगर भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन करती है तो इसका पूरा श्रेय उसके अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण को दिया जाना चाहिए।

जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या की गैरमौजूदगी में भारत को मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, आकिब नबी, अंशुल कंबोज और गुरनूर बराड़ जैसे गेंदबाजों पर निर्भर रहना होगा। इनमें सिराज सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज हैं, जिनके नाम 51 वनडे मुकाबले दर्ज हैं। न्यूजीलैंड दौरे के व्यस्त कार्यक्रम में वनडे शृंखला के बाद टेस्ट मुकाबले भी खेले जाने हैं। ऐसे में भारतीय टीम को अलग-अलग प्रारूपों की तैयारी एक साथ करनी पड़ रही है, जिसका असर खिलाड़ियों की उपलब्धता पर भी पड़ा है।

सीरीज जीतना महत्वपूर्ण

कार्यक्रम के व्यस्त होने से टीम की तैयारियों पर पड़ने वाले असर से जुड़े सवाल पर गंभीर ने कहा, ”मेरे लिए हर शृंखला जीतना महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ न्यूजीलैंड में जीतने की बात नहीं है। हर शृंखला जीतना चुनौतीपूर्ण होता है। अगर आप देखें तो वनडे क्रिकेट में यह शायद हमारा सबसे अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण होगा।” उन्होंने कहा, ”इस बारे में कोई बात नहीं करेगा। लेकिन आंकड़ों पर नजर डालें तो आकिब नबी और अंशुल कंबोज ने एक-एक मैच खेले हैं। गुरनूर ने 10 ( नौ वनडे) खेले हैं। हमारे सबसे अनुभवी गेंदबाज अर्शदीप सिंह (18 वनडे) हैं।” उन्होंने कहा, ”इसके बावजूद अगर हम एकदिवसीय शृंखला में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो इसका पूरा श्रेय इस गेंदबाजी आक्रमण और इन युवा खिलाड़ियों को जाएगा। हमारी बल्लेबाजी में काफी अनुभव है। बल्लेबाजी में हमारे पास अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं।”

अगर सीरीज जीतते हैं तो…

विदेशी परिस्थितियों में गेंदबाजों की भूमिका को अहम करार देते हुए गंभीर ने कहा, ”जब आप विदेश दौरे पर होते हैं तो खासकर वनडे और टेस्ट क्रिकट में शृंखला आपके गेंदबाज जिताते हैं। इसलिए अगर हम वनडे क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो बल्लेबाजों की ज्यादा चर्चा करने के बजाय गेंदबाजों को इसका बड़ा श्रेय दिया जाना चाहिए।”

श्रेयस अय्यर की जमकर तीरीफ की

गंभीर ने इस मौके पर भारतीय टी-20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में श्रेयस ने सीमित संसाधनों के बावजूद गेंदबाजों से शानदार प्रदर्शन करवाया। गंभीर ने कहा, ”श्रेयस ने एक बेहद सफल टी-20 टीम की कमान संभाली थी, जिसने विश्व कप जीता था और दो साल तक कोई शृंखला नहीं गंवाई थी। विश्व कप के बाद भी हमें कई मजबूत टीमों का सामना करना पड़ा। हमने इंग्लैंड का दौरा किया, जहां हमें हार मिली। आयरलैंड में भी हमें हार का सामना करना पड़ा। इस दौरान हमने कई नए खिलाड़ियों को मौका दिया।” उन्होंने कहा, ”इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसे देशों के दौरे पर अनुभव की कमी खलती है, लेकिन यह युवा खिलाड़ियों को मौका देने का अच्छा अवसर भी है। अगर आप अगले विश्व कप की तैयारी करना चाहते हैं तो युवा खिलाड़ियों को अवसर देना और दौरे के दौरान ही उन्हें निखारना जरूरी है।”

सीमित संसाधनों में श्रेयस ने बढ़िया काम किया

श्रेयस की कप्तानी की तारीफ करते हुए गंभीर ने कहा, ”गेंदबाजी इकाई में इतने अनुभव की कमी होने के बावजूद श्रेयस ने शानदार काम किया है। एक कप्तान का प्रदर्शन काफी हद तक उसके बल्लेबाजों और गेंदबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। खासकर अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण के साथ उन्होंने बेहतरीन काम किया है।” गंभीर से जब पूछा गया कि क्या लगातार सामने आने वाली चुनौतियां उन्हें कभी परेशान या विचलित करती हैं, तो उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज कहा, ”मैं किसी चीज से नहीं डरता। मेरे शब्दकोश, मेरी सोच और मेरी विचारधारा में डर के लिए कोई जगह नहीं है। हम पेशेवर हैं और मेरा हमेशा से मानना रहा है कि कोई बहाना नहीं होना चाहिए।”

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