Smriti Mandhana: भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना के खेल में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शानदार टाइमिंग और खूबसूरत शॉट्स उनकी पहचान पहले भी थे लेकिन अब उनके खेल में आक्रामकता, निरंतरता और परिस्थितियों के हिसाब से बल्लेबाजी करने की क्षमता भी उतनी ही मजबूत हो गई है।
अनुभव के साथ गेम में बदलाव आता ही है और वही स्मृति के साथ हुआ है।
मंधाना के आंकड़े बताते हैं कि उनका यह बदलाव किसी एक सीजन का नतीजा नहीं है। वनडे में 2013 से 2017 के बीच उनका औसत 30.09 और स्ट्राइक रेट 76.66 था। 2018 से 2024 के बीच औसत बढ़कर 53.10 और स्ट्राइक रेट 88.43 हो गया। जनवरी 2025 के बाद उनका ODI औसत 58.04 और स्ट्राइक रेट 107.64 रहा। आज हम 2025 से उनके आंकड़ों और गेम की आक्रामकता पर बात करेंगे।
टेस्ट क्रिकेट में भी मजबूत रिकॉर्ड
मंधाना की पहचान सिर्फ सफेद गेंद की बल्लेबाज के तौर पर नहीं है। टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने अपनी तकनीक और धैर्य का अच्छा परिचय दिया है। 2023 से उनका टेस्ट औसत 57.87 रहा, जो 2026 तक 60 से ऊपर चला गया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2024 में बनाए गए 149 रन उनकी सबसे बड़ी टेस्ट पारियों में शामिल हैं। इस अवधि में उन्होंने तीन अर्धशतक भी लगाए। यानी तेज रफ्तार T20 क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी करने के बावजूद मंधाना ने टेस्ट क्रिकेट में जरूरी धैर्य और तकनीक को भी बरकरार रखा है।
शतक लगाने की रफ्तार भी बढ़ी
मंधाना के खेल में बदलाव का एक बड़ा संकेत उनके शतकों की संख्या है। उन्होंने अपने शुरुआती 249 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 11 शतक लगाए थे, जबकि उसके बाद के सिर्फ 54 मैचों में सात शतक आए। 2026 में हांगकांग के खिलाफ 124 रन की पारी के साथ वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बल्लेबाज बनीं। इस पारी के बाद उनके नाम तीनों फॉर्मेट में 18 अंतरराष्ट्रीय शतक हो गए और उनके अंतरराष्ट्रीय रन 10990 तक पहुंच गए। यह उपलब्धि उनके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन को दिखाती है।
2025 में ODI में बनाया बड़ा रिकॉर्ड
2025 में मंधाना ने वनडे क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पूरे कैलेंडर वर्ष में 1362 ODI रन बनाए, जो एक कैलेंडर वर्ष में किसी महिला बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा रन रहे। यहां खास बात सिर्फ रन की संख्या नहीं थी। उनकी बल्लेबाजी में तेजी भी आई। जनवरी 2025 से उनकी ODI बल्लेबाजी का स्ट्राइक रेट 107.64 रहा, जबकि इससे पहले के वर्षों में यह काफी कम था।
तीनों फॉर्मेट में क्यों खास हैं मंधाना?
ODI में उनकी निरंतरता, T20 में बढ़ती आक्रामकता और टेस्ट में मजबूत तकनीक इन तीनों को एक साथ देखें तो मंधाना के खेल का विकास साफ दिखाई देता है। मंधाना की खासियत यह भी है कि वह समय के साथ अपने खेल को बदलती रही हैं। शुरुआत में उनकी पहचान टाइमिंग और एलिगेंस से बनी लेकिन अब उसी बल्लेबाजी में ज्यादा स्ट्राइक रोटेशन, बाउंड्री हिटिंग और आक्रामक इरादा जुड़ गया है। यानी करियर में अब वह ज्यादा निडर होकर बैटिंग कर रही हैं।
टी20 में बदला बल्लेबाजी का अंदाज
टी20 इंटरनेशनल में यह बदलाव और साफ दिखाई देता है। करियर के शुरुआती चार वर्षों में मंधाना का औसत 17.66 और स्ट्राइक रेट 96.58 था। 2018 से 2024 के बीच उनका स्ट्राइक रेट बढ़कर 127.75 हो गया। जनवरी 2025 से उनका टी20 इंटरनेशनल स्ट्राइक रेट 140.21 दर्ज किया गया था। इसके बाद 2026 में भी उन्होंने अपने आक्रामक खेल को जारी रखा।
एशिया कप में शतक के साथ दिखाई आक्रामकता
महिला T20 एशिया कप 2026 में मंधाना ने पांच पारियों में 213 रन बनाए। उनका औसत 42.60 और स्ट्राइक रेट 165.12 रहा। इसमें हांगकांग चायना के खिलाफ 64 गेंदों पर 124 रन की पारी भी शामिल थी। इसके बाद 13 सितंबर को श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में उन्होंने 39 गेंदों पर 59 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और तीन छक्के थे और स्ट्राइक रेट 151.28 रहा। भारत ने यह मुकाबला 72 रन से जीतकर खिताब अपने नाम किया।
भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी जिम्मेदारी
मिताली राज और झूलन गोस्वामी के बाद भारतीय महिला क्रिकेट में मंधाना नई पीढ़ी का एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरी हैं। उनके खेल और लोकप्रियता का प्रभाव मैदान से बाहर भी दिखाई देता है। 2026 एशिया कप में उनका प्रदर्शन इस बात का एक और उदाहरण रहा। पांच पारियों में 213 रन और फाइनल में 59 रन के साथ उन्होंने भारत के खिताबी अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
स्मृति मंधाना की कहानी सिर्फ रिकॉर्ड और रन की कहानी नहीं है। यह एक ऐसी बल्लेबाज के लगातार विकसित होने की कहानी है, जिसने अपनी खूबसूरत टाइमिंग को बरकरार रखते हुए खेल में आक्रामकता और निरंतरता के नए आयाम जोड़े हैं।