Virender Sehwag on Vaibhav Sooryavanshi: भारत के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग को 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में अपनी पुरानी आक्रामक शैली की झलक दिखाई देती है. सहवाग का मानना है कि वैभव की सोच पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर रन बनाने की रहती है.
हालांकि, वैभव के लिए अब सबसे अहम बात यह होगी कि उसे भारतीय टीम की ओर से कितने मौके मिलते हैं और वह अपने करियर में कहां तक पहुंच पाता है.
सहवाग ने यह बात पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वार्षिक सत्र में चर्चा के दौरान कही.
सहवाग ने वैभव को लेकर क्या कहा
वीरेंद्र सहवाग अपने पूरे करियर में बेखौफ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते रहे हैं. वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते थे. वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में भी उन्हें कुछ ऐसा ही अंदाज नजर आता है.
सहवाग ने कहा कि
वैभव की सोच उनसे मिलती-जुलती है. वह पहली गेंद से ही बड़े शॉट खेलने का इरादा रखते हैं. आधुनिक टी20 क्रिकेट में ऐसी आक्रामक बल्लेबाजी टीम को तेज शुरुआत दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है. हालांकि, लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और लंबे समय तक देश के लिए खेलना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी चुनौती होती है.
15 साल की उम्र में टी20 इंटरनेशनल में बना चुके हैं खास पहचान
वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में ही टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है. आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने आठ टी20 इंटरनेशनल मैचों में 246 रन बनाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 186 रहा है, जो उनकी तेज रन बनाने की क्षमता को दिखाता है.
सहवाग के करियर से वैभव क्या सीख सकते हैं?
वीरेंद्र सहवाग ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 17,253 रन बनाए. उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत थी कि वह विपक्षी गेंदबाजों के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाते थे.
वैभव का खेलने का अंदाज भी इसी तरह चर्चा में रहता है.