नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने साल 2023 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों घरेलू मैदान पर मिली हार के दर्द को याद करते हुए एक बड़ा बयान दिया है।
रोहित का मानना है कि अहमदाबाद में मिली उस हार के दिल तोड़ने वाले लम्हे ने ही टीम इंडिया के अंदर जीत की एक नई तड़प और भूख पैदा की, जिसने आगे चलकर 2024 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने का रास्ता साफ किया। रोहित ने उस दर्दनाक मोड़ से लेकर बारबाडोस में टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाने तक के पूरे सफर पर खुलकर बात की।
19 साल के करियर का सबसे मुश्किल और काला दौर
19 नवंबर 2023 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में लगातार 10 मैच जीतकर पहुंची भारतीय टीम को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। पैट कमिंस की कप्तानी और ट्रैविस हेड के शतक ने पूरे देश का दिल तोड़ दिया था। इस हार को याद करते हुए रोहित ने कहा, ‘वह मेरे 19 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे मुश्किल दौर था। साल 2007 में अपने डेब्यू से लेकर अब तक मैंने कभी ऐसा दौर महसूस नहीं किया था। साल 2012 के श्रीलंका दौरे पर जब मेरा प्रदर्शन खराब रहा था, तो वह निराशा मेरी व्यक्तिगत थी। लेकिन 2023 की हार अलग थी, क्योंकि वनडे वर्ल्ड कप जीतना पूरे देश का सपना था।’
हम बहुत अच्छा खेल रहे थे, ऐसा लगा ही नहीं कि हार जाएंगे – रोहित शर्मा
रोहित ने कहा कि हार इसलिए भी ज्यादा चुभने वाली थी क्योंकि भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज कर रही थी। रोहित ने आगे कहा, ‘हमें बहुत बुरा लगा क्योंकि हम इतना अच्छा खेल रहे थे कि कभी लगा ही नहीं था कि हम हार भी सकते हैं। लेकिन खेल का नाम ही यही है। जब आपको लगता है कि सब कुछ सही चल रहा है, तभी कुछ ऐसा होता है जो आपको नीचे खींच लेता है। यही खेल आपको सिखाता है।’
19 नवंबर की हार ने 2024 के लिए पैदा की नई भूख
पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि असफलता इंसान को सफलता से कहीं ज्यादा सिखाती है। अगर 2023 में टीम इंडिया फाइनल न हारती, तो शायद 2024 टी20 वर्ल्ड कप में खिलाड़ियों के भीतर वह बेताबी और भूख नजर नहीं आती। रोहित ने बताया कि जब भारतीय टीम वेस्टइंडीज और अमेरिका में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने पहुंची, तो खिलाड़ियों के अंदर एक अलग ही ऊर्जा और जिद थी। उसी जिद्द का नतीजा रहा कि 29 जून 2024 को बारबाडोस में दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारत ने 11 साल का आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म किया।