Ranji Trophy: रणजी ट्रॉफी में कमाल प्रदर्शन कर फाइनल में पहुंची जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों को ई-रिक्शा में सफर करना पड़ रहा है. कोलकाता में बंगाल को सेमीफाइनल में हराने के बाद कश्मीरी खिलाड़ियों को ई-रिक्शा से सफर करते देखा गया. एक खिलाड़ी की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद बीसीसीआई पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सवाल ये है कि दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड के घरेलू टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को ऐसा दिन क्यों देखना पड़ रहा है?
ई-रिक्शा से क्यों सफर कर रहे हैं जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी?
रणजी ट्रॉफी में बंगाल और जम्मू-कश्मीर का मुकाबला कल्याणी की बंगाल क्रिकेट एकेडमी में हुआ था. बता दें ये एकेडमी जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के होटल से महज 500 मीटर दूर है. यहां दिलचस्प बात ये है कि खिलाड़ी खुद ही ई-रिक्शा लेकर होटल जाते हैं. एक पत्रकार ने दावा किया है कि यहां बीसीसीआई की गलती नहीं है क्योंकि हर टीम की बस होती है लेकिन जब थोड़ी देरी होती है तो खिलाड़ी अपनी मर्जी से ही ई-रिक्शा पकड़कर चले जाते हैं. ये भी दावा किया गया कि ईशान किशन जब इस मैदान पर मैच खेले थे तो वो भी ऐसे ही ई-रिक्शा में होटल चले जाते थे.
The hotel where they were staying is just 500 metres away from the ground. The teams have been provided a bus but players sometimes don’t want to wait and the easiest way to the hotel is an e-rickshaw. Even Ishan Kishan took one when he was playing there. https://t.co/eYyUotIBtb
— Subhayan Chakraborty (@CricSubhayan) February 19, 2026
जम्मू-कश्मीर ने रचा इतिहास
जम्मू-कश्मीर के लिए ये रणजी ट्रॉफी किसी सपने से कम नहीं है. ये टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची है. जम्मू-कश्मीर ने सेमीफाइनल में बंगाल जैसी मजबूत टीम को 6 विकेट से हराया. इस मुकाबले में बंगाल की टीम पहली पारी में 328 रन बनाकर आउट हुई, इसके बाद जम्मू-कश्मीर ने 302 रन बनाए. दूसरी पारी में बंगाल की पारी महज 99 पर सिमट गई और फिर जम्मू-कश्मीर ने 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया. जम्मू-कश्मीर की इस बेमिसाल कामयाबी के असली हीरो तेज गेंदबाज आकिब नबी डार हैं जिन्होंने 9 मैचों में 55 विकेट हासिल किए हैं. वो इस टूर्नामेंट में 6 फाइव विकेट हॉल हासिल कर चुके हैं.