‘मैं ज्यादा आगे नहीं…, खतरें में पड़े क्रिकेटिंग भविष्य को लेकर भुवनेश्वर कुमार ने दिया चौंकाने वाला बयान

वेलिंग्टन। मौजूदा दौर के टी20 क्रिकेट में भले ही बल्लेबाजों का दबदबा लगातार बढ़ रहा हो, लेकिन अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का मानना है कि अच्छे गेंदबाज अब भी मैच पर नियंत्रण रख सकते हैं।

करीब चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने वाले 36 वर्षीय भुवनेश्वर ने कहा कि गेंदबाजों के लिए चुनौती जरूर बढ़ी है, लेकिन सही रणनीति और परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की क्षमता से वे बल्लेबाजों पर अंकुश लगा सकते हैं।

आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में वापसी करने वाले भुवनेश्वर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत की जीत के बाद कहा, यह बहस का विषय है। आजकल हम कहते हैं कि परिस्थितियां बल्लेबाजों के अनुकूल हैं, लेकिन मेरा अब भी मानना है कि गेंदबाज मैच को नियंत्रित कर सकता है। आखिर गेंद बल्लेबाज तक गेंदबाज ही पहुंचाता है।

उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि गलती की गुंजाइश बहुत कम रह गई है, जिसकी हम अक्सर चर्चा करते हैं। इसके बावजूद गेंदबाज अपनी इच्छानुसार गेंद सही जगह पर डाल सकता है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि गेंदबाज मैच को नियंत्रित कर सकता है।

इस अनुभवी तेज गेंदबाज ने कहा कि छोटे मैदान और बल्लेबाजों की अनुकूल परिस्थितियों के बावजूद गेंदबाजों के पास अपना प्रभाव छोड़ने का मौका रहता है। इसके लिए उन्हें अपनी रणनीति में तेजी से बदलाव करना होता है। भुवी ने कहा, मैदान की बाउंड्री छोटी हैं और सब कुछ बल्लेबाजों के अनुकूल नजर आता है। लेकिन गेंद बल्लेबाज तक गेंदबाज ही पहुंचाता है। इसके बाद बल्लेबाज पर निर्भर करता है कि वह गेंद के अनुरूप खेलेगा या नहीं।

भुवनेश्वर ने कहा, आप अगर अच्छे गेंदबाजों को देखें तो वे अब भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार बेहतर गेंदबाजी कर रहे हैं। भले ही मुकाबला बराबरी का नहीं रह गया हो, लेकिन गेंदबाज तेजी से परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल लेते हैं। हमने आईपीएल में भी ऐसा देखा है और यहां भी देख रहे हैं।

भुवनेश्वर ने 2012 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट अब पहले की तुलना में काफी कठिन हो गया है। उन्होंने कहा, जब मैंने टी20 क्रिकेट में डेब्यू किया था, तब सोच यह थी कि किसी नये खिलाड़ी को मौका दिया जाए और फिर उसे दूसरे प्रारूपों में आजमाया जाए। लेकिन अब किसी खिलाड़ी को सीधे टी20 अंतरराष्ट्रीय में डेब्यू कराना मुश्किल हो गया है। इसके लिए परिपक्वता जरूरी है और इन खिलाड़ियों ने आईपीएल में यह दिखाया है।

एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर भुवनेश्वर ने कहा कि वह अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के भविष्य को लेकर ज्यादा आगे की नहीं सोच रहे हैं। उन्होंने कहा, 

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