Cricket Rules For Out Caught:क्रिकेट के खेल के कुछ नियम ऐसे हैं जो फैंस के सिर चकरा देते हैं. इन नियमों के बारे में ज्यादातर लोगों को मालूम ही नहीं होता. ऐसा ही नियम कैच पकड़ने को लेकर भी हैं.
क्रिकेट मैच के दौरान जब कोई फील्डर या विकेटकीपर कैच पकड़ता है, तो वो गेंद को तुरंत हवा में उछलकर दोबारा पकड़ लेता है. ये ज्यादातर लोगों को जश्न मनाने का स्टाइल लगता होगा, लेकिन इसके पीछे एक पुरानी और अहम वजह छुपी हुई है, जो क्रिकेट के नियमों से जुड़ी हुई है और इसके बारे में बहुत कम लोगों को मालूम होता है.
कैच पकड़ने के बाद गेंद को हवा में क्यों उछालते हैं फील्डर?
क्रिकेट के नियम (Law 33 – Caught) के मुताबिक, कैच को पूरा तब माना जाता है, जब फील्डर का गेंद पर पूरा कंट्रोल होता है और वो अपने मूवमेंट के दौरान भी गेंद पर कंट्रोल रखता है. पुराने समय में, जब कैमरे और DRS जैसी सुविधा नहीं होती थीं, तो अंपायर को ये साबित करना पड़ता था कि कैच सही तरीके से लिया गया है और गेंद हाथ से नहीं छूटी है. इसलिए फील्डर गेंद को हवा में उछालकर दिखाते थे कि उनके पास गेंद पर पूरा कंट्रोल है और वो इसे जानबूझकर छोड़ रहे हैं.
उस समय पर गेंद को उछालना एक तरह का सिग्नल होता था और इसके जरिए अंपायर को बताया जाता था कि कैच पूरा हो चुका है. ये आदत इतनी पुरानी है कि आज भी ज्यादातर खिलाड़ी इसे सेलिब्रेशन के रूप में करते रहते हैं. भले ही अब थर्ड अंपायर और सुपर स्लो मोशन से सब कुछ साफ दिखता है, लेकिन पुराने समय में खिलाड़ी कैच की पुष्टि करने के लिए ऐसा किया करते थे, जो अब खिलाड़ियों की आदत बन चुकी है.
कैच पकड़ने के लिए क्या है ICC के नियम?
- गेंदबाज की ओर से फेंकी गई गेंद नो बॉल नहीं होनी चाहिए.
- गेंद बल्लेबाज के बल्ले को छूए, तभी कैच आउट माना जाता है.
- उसके बाद कोई फील्डर गेंद को फेयर कैच के रूप में पकड़े.
- गेंद जमीन को छूने से पहले पकड़ी जाए.
फेयर कैच क्या होता है?
- गेंद फील्डर के एक हाथ या दोनों हाथों में पकड़ी जाए.
- हाथ जमीन को छू रहा हो तो भी कैच लीगल है, यानी उंगलियां गेंद के नीचे हों और हाथ जमीन पर हो.
- गेंद किसी समय भी जमीन, बाउंड्री या उसके बाहर किसी चीज को न छुए.
- फील्डर बाउंड्री के अंदर रहते हुए कैच पूरा करे.