भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) को इंटरनेशनल क्रिकेट में शिरकत करते हुए 10 साल पूरे हो गए हैं. 32 वर्षीय क्रिकेटर ने देश के लिए पहला इंटरनेशनल मुकाबला 26 जनवरी साल 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था.
उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ के कभी नहीं देखा. मौजूदा समय में वह ब्लू टीम के अभिन्न अंग हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट में 10 साल पुरा होने के बाद पंड्या ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा है, ’10 साल की इस यात्रा का, जिस साल मैं 33 साल का हो रहा हूं. जिस खेल को मैं पूरे दिल से खेलता हूं, उसके माध्यम से अपने देश की सेवा करना अलग ही बात है.’
पंड्या ने लिखा है, ‘आप सभी को मेरा प्यार, हर चीज के लिए धन्यवाद. धन्यवाद भगवान, उन सभी मुश्किलों और चुनौतियों के लिए जिनकी वजह से मैं यहां तक पहुंच पाया हूं… उन सभी लोगों के भरोसे के लिए… इस जिंदगी को जीने का मौका देने के लिए. इन सालों ने मुझे सिखाया है कि यह तो बस शुरुआत है… मैंने उन रास्तों पर अभी चलना शुरू ही किया है. जिस पर सचमुच में मैं चलना चाहता हूं.’
हार्दिक ने यह भी कहा कि अगर वह अपने उस दौर को याद करें, ‘जब एक युवा हार्दिक बड़ौदा से खेलने के लिए अतिरिक्त मील दौड़ता था – एक बल्लेबाज जो नेट में उन गेंदबाजों को अतिरिक्त गेंदें फेंकता था. जिन्हें बल्लेबाजी के लिए अभ्यास करने का मौका मिलता ही नहीं था, 19 साल की उम्र में ऑलराउंडर बन गया और लोगों की नजरों में आया, फिर ठुकरा दिया गया.’ देश के लिए खेलना मेरे लिए सबसे सार्थक सफर रहा है.
पंड्या ने कहा, ‘भगवान ने मेरे लिए बड़ी योजना बनाई थी जब उन्होंने मुझे 26 जनवरी को डेब्यू करने का मौका दिया. इस खेल को खेलते हुए मैं एक परिपक्व व्यक्ति बना हूं, और मैं इसे खेलते हुए ही बूढ़ा भी हो जाऊंगा. जय हिंद.’