Yashasvi Jaiswal against South Africa: यशस्वी जायसवाल को जिस कमजोरी ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में परेशान किया था अब वही कमजोरी उन्हें वनडे सीरीज के पहले मैच में ले डूबी. यशस्वी जायसवाल एक बार फिर बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के सामने फेल हो गए. रांची में खेले गए पहले वनडे में यशस्वी जायसवाल ने 18 रन बनाए और उन्हें आउट करने वाले गेंदबाज रहे, बाएं हाथ के पेसर नांद्रे बर्गर, जिन्होंने इस खिलाड़ी को निपटाने के बाद जबरदस्त जश्न मनाया.
यशस्वी जायसवाल की कमजोरी हैं बाएं हाथ के पेसर
यशस्वी जायसवाल ने शुरुआत कमाल की, उन्होंने पहली ही गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला. इस खिलाड़ी ने तीसरे ओवर में शानदार छक्का भी लगाया लेकिन अपनी पारी की 16वीं गेंद पर वो आउट हो गए. नांद्रे बर्गर की बाहर जाती गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर डिकॉक के दस्तानों में समा गई. जायसवाल के आउट होने के बाद एक बार फिर ये सवाल खड़ा हो गया कि क्या ये खिलाड़ी बाएं हाथ के गेंदबाजों को समझ नहीं पाता. लगता तो यही है क्योंकि आंकड़े इस बात की तस्दीक भी करते हैं.
जायसवाल को आउट करना बाएं हाथ का खेल!
यशस्वी जायसवाल को आउट करना बाएं हाथ का खेल बनता जा रहा है क्योंकि इस खिलाड़ी को इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार आउट करने वाले गेंदबाजों में से तीन तो बाएं हाथ के पेसर ही हैं. यशस्वी जायसवाल को सबसे ज्यादा चार बार मार्को यानसन ने आउट किया है. नांद्रे बर्गर ने भी इस खिलाड़ी को चार बार आउट किया है. इसके बाद जोफ्रा आर्चर और स्कॉट बोलैंड ने तीन-तीन बार आउट किया है.
एक और लेफ्ट आर्म पेसर मिचेल स्टार्क ने भी जायसवाल को तीन बार पवेलियन की राह दिखाई है. साफ है जायसवाल को बाएं हाथ के गेंदबाजों के सामने दिक्कत तो है. पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भी मैच के दौरान ये बात कही. उन्होंने कहा कि जायसवाल का पांव आगे की ओर नहीं निकल रहा है जिसकी वजह से वो बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की बाहर निकलती गेंद पर परेशान हो रहे हैं. अब देखना ये है कि जायसवाल इस कमजोरी को कब ताकत में बदलते हैं. क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो उनके लिए समस्या खड़ी हो जाएगी.