Indian Test Team: भारत और अफगानिस्तान के बीच वन-ऑफ टेस्ट मैच 6 जून से न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा. इस मुकाबले के लिए बीसीसीआई ने हाल ही में टीम इंडिया का ऐलान किया है. ये मुकाबला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल की रेस का हिस्सा नहीं है. ऐसे में भारतीय टेस्ट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की अगुवाई वाली मैनेजमेंट ने इस मैच से पहले एक अहम कदम उठाया है, जो होम कंडीशन में टीम इंडिया को मजबूती दे सकता है.
ऐसी पिच पर नहीं खेलेगी टीम इंडिया!
गौतम गंभीर को टेस्ट कोच के रूप में अभी तक रेड बॉल फॉर्मेट में ज्यादा सफलता नहीं मिली है. साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के हाथों मिली शर्मनाक हार के बाद घरेलू मैदान पर भी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है, जिससे WTC पॉइंट्स टेबल में भारत की स्थिति कमजोर हो गई. भारतीय टीम की घरेलू परिस्थितियों का फायदा न उठा पाने की समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. गंभीर के कोचिंग काल में पिछले सात घरेलू टेस्ट में से पांच में हार का सामना करना पड़ा है. स्पिनर्स के लिए मददगार पिचों पर भारतीय बल्लेबाज विरोधी गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते दिखे है, जिससे कई विदेशी टीमों ने भारत में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है.
घरेलू मैदानों पर खराब प्रदर्शन के चलते अब पिचों में बदलाव देखने को मिल सकता है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, गंभीर के टीम मैनेजमेंट ने अब ऐसी पिचों की मांग की है जो मैच के शुरुआती दिनों में तेजी से खराब न हों. लाल मिट्टी (रेड सॉइल) वाली पिचों के बजाए काली मिट्टी (ब्लैक सॉइल) की ज्यादा मात्रा वाली पिचें तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है. काली मिट्टी में पानी की मात्रा ज्यादा बनी रहती है, जिससे पिच पांच दिन तक टिकती है और शुरुआत से ही ज्यादा टर्न नहीं आता.
नई रणनीति से हिसाब से चुने गए वेन्यू
आगामी घरेलू टेस्ट मैचों के लिए मुल्लानपुर, नागपुर, चेन्नई, गुवाहाटी, रांची और अहमदाबाद जैसे वेन्यू चुने गए हैं. इन स्थानों पर रेड, ब्लैक और मिक्स्ड सॉइल विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन पिचें ऐसी बनाई जाएंगी जो लंबे समय तक खेलने योग्य रहें. इससे न सिर्फ भारतीय बल्लेबाजों को बेहतर मौका मिलेगा, बल्कि मैचों के जल्दी खत्म होने की समस्या भी कम होगी, जो ब्रॉडकास्टर्स के लिए भी फायदेमंद है. यह रणनीति अफगानिस्तान के खिलाफ वन-ऑफ टेस्ट और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी दोनों के लिए लागू की जाएगी. गंभीर और उनकी टीम का लक्ष्य घरेलू मैदान पर फिर से दबदबा कायम करना और WTC फाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखना है.