नई दिल्ली: यूपी वॉरियर्ज की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने फ्रेंचाइजी के साथ अपने खास जुड़ाव को लेकर खुलकर बात की है। उत्तर प्रदेश के आगरा से आने वाली दीप्ति के लिए अपने घरेलू राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाली टीम से खेलना बेहद खास है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय फैंस का समर्थन उन्हें मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अतिरिक्त आत्मविश्वास और प्रेरणा देता है।
यूपी वॉरियर्ज के साथ खेलना दीप्ति के लिए खास
2027 प्लेयर ऑक्शन से पहले पांचों WPL फ्रेंचाइजियों ने अपनी रिटेंशन लिस्ट तय कर ली है। इसके बाद दीप्ति शर्मा ने यूपी वॉरियर्ज के साथ अपने रिश्ते और टीम के लिए खेलने के अनुभव को साझा किया।
दीप्ति ने कहा, ‘एक खिलाड़ी के तौर पर मैं हमेशा यह सोचती हूं कि मैं खुद को कैसे संतुलित रख सकती हूं और यही सोच मुझे लगातार बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है। मेरे लिए यह एक शानदार मौका है, क्योंकि मैं यूपी से हूं, आगरा से हूं और यूपी वॉरियर्ज के लिए खेलना इस जुड़ाव को खास बनाता है।’
फैंस के सपोर्ट से मिलता है अतिरिक्त आत्मविश्वास
दीप्ति ने बताया कि यूपी वॉरियर्ज के मुकाबलों में फैंस का समर्थन उनके लिए काफी मायने रखता है। उनके मुताबिक, जब WPL परिवार टीम को सपोर्ट करने पहुंचता है तो मुकाबले का अनुभव और भी खास हो जाता है।
उन्होंने कहा, ‘जब WPL परिवार हमें देखने आता है, तो यह और भी मजेदार हो जाता है। दर्शक हमारा समर्थन करते हैं और ऐसा लगता है जैसे हम घर में खेल रहे हैं। इस तरह का समर्थन आपको मैदान पर आत्मविश्वास देता है। मैं इस टीम के लिए जितना हो सके योगदान देना चाहती हूं और फैंस को गर्व महसूस कराना चाहती हूं।’
दीप्ति ने अपनाई फिनिशर की जिम्मेदारी
दीप्ति शर्मा ने यूपी वॉरियर्ज के लिए बल्लेबाजी में फिनिशर की भूमिका को भी स्वीकार किया है। यह जिम्मेदारी आसान नहीं होती, क्योंकि पारी के आखिरी हिस्से में बल्लेबाज को स्थिति के हिसाब से तेजी से फैसले लेने पड़ते हैं और दबाव में संयम बनाए रखना होता है।
दीप्ति ने कहा, ‘फिनिशर वही होते हैं जो आखिर में मैच खत्म करते हैं और यूपी वॉरियर्ज के लिए मैंने जिन भी मुकाबलों में खेला है, शुरुआत से ही मुझे बल्लेबाजी में यह भूमिका दी गई है। इसलिए मैं हमेशा सोचती हूं कि मैं चाहे किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करूं या मुझे कितनी भी गेंदें मिलें, मुझे अपना काम पूरा करना है।’
कितने रन चाहिए, कितनी गेंदें बाकी हैं- सब दिमाग में रहता है
दीप्ति ने बताया कि फिनिशर के तौर पर बल्लेबाजी करते समय वह स्कोर और बची हुई गेंदों का हिसाब अपने दिमाग में रखती हैं। उनका फोकस टीम को तय लक्ष्य तक पहुंचाने पर होता है।
उन्होंने कहा, ‘बोर्ड पर जो भी स्कोर है, वह मेरे दिमाग में रहता है। मुझे पता होता है कि कितनी गेंदें बाकी हैं और मुझे टीम को उस स्कोर तक पहुंचाना है। अगर मैं शांत रहूं और अपनी स्किल्स पर भरोसा करूं, तो मुझे पता है कि मैं अपना काम पूरा कर सकती हूं।’
हर मैच दबाव संभालना सिखाता है
दीप्ति का मानना है कि पारी के दौरान इस तरह की सोच रखने से खिलाड़ी को लगातार सीखने का मौका मिलता है। खासकर दबाव की परिस्थितियों में मैच खत्म करने का अनुभव आगे काफी काम आता है। उन्होंने कहा, ‘जब हम पारी के दौरान इस तरह सोचते हैं, तो उस अनुभव से काफी कुछ सीखते हैं। हर मैच आपको दबाव को संभालने और मैच खत्म करने के बारे में कुछ नया सिखाता है।’
लगातार दो सीजन निचले पायदान पर रही वॉरियर्ज
दीप्ति के बयान ऐसे समय आए हैं जब यूपी वॉरियर्ज लगातार दो सीजन WPL की अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर रही है। फ्रेंचाइजी ने अगले सीजन से पहले अपनी टीम में बड़े बदलाव किए हैं और कई प्रमुख विदेशी और घरेलू खिलाड़ियों को रिलीज किया है। रिलीज किए गए खिलाड़ियों में डिएंड्रा डॉटिन, क्लो ट्रायन, एमी जोन्स, आशा शोभना, श्वेता सहरावत और किरण नवगिरे जैसे नाम शामिल हैं।
ऑक्शन में टीम को फिर से तैयार करने का मौका
कई खिलाड़ियों को रिलीज किए जाने के बाद यूपी वॉरियर्ज के पास 28 अक्टूबर को कोच्चि में होने वाले WPL 2027 प्लेयर ऑक्शन में अपनी टीम को दोबारा तैयार करने का मौका होगा। सभी पांच फ्रेंचाइजियां ऑक्शन में अपनी खाली जगहों को भरने की कोशिश करेंगी। WPL के नियमों के अनुसार, प्रत्येक फ्रेंचाइजी के स्क्वाड में अधिकतम 18 खिलाड़ी हो सकते हैं।
14 जनवरी से 7 फरवरी तक होगा WPL 2027
WPL का पांचवां सीजन 14 जनवरी से 7 फरवरी 2027 तक आयोजित किया जाना है। हालांकि, टूर्नामेंट के मुकाबले किन-किन स्थानों पर खेले जाएंगे, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। यूपी वॉरियर्ज के लिए अगले सीजन में टीम का पुनर्गठन अहम होगा और दीप्ति शर्मा जैसी प्रमुख खिलाड़ी की भूमिका मैदान पर टीम के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण रह सकती है।