Vaibhav Sooryavanshi in Duleep Trophy: वैभव सूर्यवंशी बल्लेबाज तो कमाल हैं लेकिन उनके छोटे से करियर में एक ऐसी कमजोरी सामने आई है जो फैंस का दिल तोड़ने वाली है. इस कमजोरी से खुद वैभव सूर्यवंशी को तो दुख होता ही है साथ ही उनके फैंस और ज्यादा प्रभावित होते हैं.
ये कमजोरी है नर्वस नाइंटीज का शिकार होना. दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए 92 रन बनाए. सेंट्रल जोन के खिलाफ ये खिलाड़ी धुआंधार शतक जड़ने के करीब था लेकिन वो 8 रन पहले हर्ष दुबे की गेंद पर आउट हो गए. वैभव सूर्यवंशी के पास दलीप ट्रॉफी इतिहास के सबसे युवा शतकवीर बनने का मौका था लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. लेकिन सबसे ज्यादा हैरानी की बात ये है कि वैभव सूर्यवंशी को नर्वस नाइंटीज का शिकार होने की मानो लत सी लग चुकी है. आइए आपको बताते हैं कि पिछले दो सालों में सूर्यवंशी कितनी बार 90 से 99 के बीच आउट हुए हैं.
वैभव सूर्यवंशी नर्वस नाइंटीज के शिकार
- वैभव सूर्यवंशी पिछले लगभग 2 सालों में 7 बार नर्वस नाइंटीज का शिकार हो चुके हैं. इस खिलाड़ी ने शतक जड़ने के 7 मौके गंवाए हैं.
- 4 नवंबर 2025 के दिन बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में मेघालय के खिलाफ 93 रन पर वो आउट हो गए. ये उनकी पहली फर्स्ट क्लास फिफ्टी थी और वो शतक से 7 रन दूर रह गए.
- 10 जनवरी 2026 को अंडर-19 वर्ल्ड कप के वॉर्म-अप मैच में स्कॉटलैंड अंडर-19 के खिलाफ वो 96 रनों पर आउट हो गए.
- 19 मई 2026 के दिन IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए वो शतक से चूक गए. लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ उन्होंने 38 गेंदों पर 93 रन बनाए. फिर शतक से 7 रन दूर रह गए.
- 27 मई 2026 को IPL 2026 एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वो 97 रन बनाकर आउट हो गए.
- 29 मई 2026 के दिन IPL 2026 क्वालिफायर 2 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 96 रन पर उनकी पारी थम गई. वो आईपीएल 2026 में तीन शतक लगाने से चूके.
- 21 जून 2026 इंडिया A के लिए श्रीलंका A के खिलाफ ट्राई-सीरीज फाइनल में वो 94 रन बनाकर आउट हो गए. ये पारी उन्होंने महज 29 गेंदों पर खेली.
- 31 अगस्त 2026 को दिलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए वो 92 रनों पर आउट हो गए.
वैभव सूर्यवंशी क्यों होते हैं 90-99 के बीच आउट?
सवाल ये है कि आखिर क्यों 90 रन पार करते ही इस खिलाड़ी के आउट होने के चांस बढ़ जाते हैं? आमतौर पर खिलाड़ियों के साथ ऐसा तब होता है जब वो अपने शतक के बारे में बहुत ज्यादा सोचते हैं. लेकिन सूर्यवंशी के केस में ऐसा नहीं है. ये खिलाड़ी पहले रन से ही आक्रामक रिस्क लेने वाला खेल खेलता है. सूर्यवंशी को अपने निजी रनों से फर्क नहीं पड़ता. वो बस गेंद को देखते हैं और उसे बाउंड्री पार मारने की कोशिश करते हैं. दिलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में भी उन्होंने ऐसा ही किया और वो शतक से चूक गए.