U19 World Cup 2026: अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान की टीम ने अपना आखिरी ग्रुप मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला. इस मैच में पाकिस्तान ने एक आसान जीत हासिल की. लेकिन इस जीत के दौरान पाकिस्तान ने एक तगड़ी चाल भी चली, जिसने हर किसी को चौंका दिया. पाकिस्तान ने तेज गति से रन बनाने की बजाए धीमा रन चेज किया, जो उनकी टीम के लिए आने वाले मैचों में फायदेमंद साबित होगा. इस धीमे रन चेज के चलते जिम्बाब्वे ने ही अगले राउंड के लिए क्वालिफाई कर लिया.
पाकिस्तान ने चली तगड़ी चाल
ग्रुप सी के आखिरी मैच में पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को 128 रनों पर ऑलआउट किया और फिर टारगेट का पीछा 26.2 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया. लेकिन जीत के तरीके ने सबको हैरान कर दिया, खासकर पाकिस्तान ने आखिरी हिस्से में जानबूझकर रन बनाने की रफ्तार कम कर दी गई. पाकिस्तान ने शुरुआत में तेजी से रन बटोरे और 14 ओवर में 84 रन बनाए. लेकिन इसके बाद समीर मिन्हास और अहमद हुसैन ने जानबूझकर गति कम कर दी. पाकिस्तान ने अगले 12 ओवर में सिर्फ 36 रन बनाए और 89 गेंदें बिना बाउंड्री के खेलीं.
इसके बाद जब जिम्बाब्वे की सुपर सिक्स क्वालिफिकेशन पक्की हो गई, तब पाकिस्तान ने आक्रामक अंदाज दिखाया और 23.4 ओवर बाकी रहते मैच जीत लिया. समीर मिन्हास ने आखिरी में माइकल ब्लिग्नॉट पर लगातार दो छक्के लगाकर जीत दिलाई.
पाकिस्तान ने क्यों किया ऐसा?
टूर्नामेंट के नियमों के मुताबिक, सुपर सिक्स में क्वालिफाई करने वाली टीमों के बीच खेले गए मैचों के पॉइंट्स और नेट रन रेट (NRR) कैरी फॉरवर्ड होते हैं. पाकिस्तान ने पहले स्कॉटलैंड को 6.5 ओवर बाकी रहते हराया था, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ 23.4 ओवर बाकी रहते जीत से उनका NRR ज्यादा बेहतर हो गया. अगर पाकिस्तान 25.2 ओवर से पहले जीत जाते, तो स्कॉटलैंड क्वालिफाई कर जाता और पाकिस्तान को स्कॉटलैंड के खिलाफ वाला NRR कैरी करना पड़ता, जो कम फायदेमंद होता.
इस रणनीति से जिम्बाब्वे सुपर सिक्स में पहुंच गया और स्कॉटलैंड बाहर हो गया. हालांकि कुछ लोग इसे NRR मैनिपुलेशन मानकर आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन बता रहे हैं, लेकिन इरादा साबित करना मुश्किल है.