आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तानी टीम का प्रदर्शन भले ही जैसा हो लेकिन टूर्नामेंट से बाहर इसके खिलाड़ियों को लेकर एक अलग ही बवाल मचा हुआ है. इंग्लैंड के फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट ‘द हंड्रेड’ में पहली बार होने जा रही नीलामी में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को न खरीदे जाने की एक रिपोर्ट इसका कारण है. इसमें दावा किया गया था कि भारतीय मालिकों वाली फ्रेंचाइजी ऑक्शन में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदेंगी. इसके बाद से ही ये लगातार सवालों के घेरे में है और अब इस पर मुंबई इंडियंस फ्रेंचाइजी से जुड़ी MI लंदन ने ऐसा न करने का भरोसा दिलाया है.
मशहूर भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी के रिलायंस ग्रुप की फ्रेंचाइजी MI लंदन की ओर से मंगलवार 24 फरवरी की रात सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया गया. इसमें फ्रेंचाइजी ने कहा, “MI लंदन इस बात को लेकर प्रतिबद्ध है कि द हंड्रेड टूर्नामेंट समावेशी और सभी के लिए खुला रहे. खिलाड़ियों को उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर बाहर नहीं किया जाना चाहिए. अन्य 7 टीमों के साथ मिलकर, हम ये प्रतिबद्धता जाहिर करते हैं कि प्रदर्शन, उपलब्धता और हर टीम की जरूरत के आधार पर ही सेलेक्शन किया जाएगा.”
MI London is committed to ensuring The Hundred is a competition that it is inclusive, welcoming and open to all.
Players must not be excluded on the grounds of their nationality.
Alongside the other seven teams, we commit to selection being based solely on cricketing pic.twitter.com/oOZgJJX3cA
— MI London (@MILondonCricket) February 24, 2026
MI लंदन का ये बयान उस वक्त आया है, जब इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने भी सभी फ्रेंचाइजियों को एक चिट्ठी लिखकर राष्ट्रीयता के आधार पर भेदभाव न करने की हिदायत दी थी. साथ ही खुद ECB ने भी एक बयान जारी कर अपने टूर्नामेंट में किसी तरह के भेदभाव की संभावना से इनकार किया और कहा कि सभी खिलाड़ियों के लिए ये लीग एक समान अवसर उपलब्ध कराएगी.