T20 World Cup: मां बेचती थी फूल, बेटा बना ऑस्ट्रेलिया की राह का कांटा, अकेले ही पलट दिया पूरा मैच

वैसे तो किसी भी टीम गेम में सभी खिलाड़ियों के मिलजुलकर दमदार प्रदर्शन करने से ही जीत मिलती है. मगर कभी-कभी ऐसा भी होता है जब एक खिलाड़ी अकेले दम पर चमत्कारिक प्रदर्शन से पूरी कहानी बदल देता है. क्रिकेट में भी लंबे समय से ऐसा होता आया है और टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी ये सिलसिला जारी है. इस बार अकेले मैच का रुख पलटने वाला ये हीरो है वो खिलाड़ी, जो इस मैच में विलेन भी साबित हो सकता था. नाम है पथुम निसांका, जिन्होंने इस वर्ल्ड कप का पहला शतक जमाया और श्रीलंका को ऑस्ट्रेलिया पर जबरदस्त जीत दिलाई.

पल्लेकेले के मैदान पर जब 16 फरवरी की शाम ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के खिलाड़ी उतरे, तो शायद ही किसी को आने वाले तूफान का अंदाजा था. इस तूफान की शुरुआत मिचेल मार्श और ट्रेविस हेड की तूफानी बल्लेबाजी के साथ हुई, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को 8.3 ओवर में ही 104 रन तक पहुंचा दिया. मगर बीच में ऑस्ट्रेलिया के विकेट गिरे, जिसके बाद जॉश इंग्लिस और ग्लेन मैक्सवेल ने पारी को संभाला.

गलती सुधारकर पलटा मैच का रुख

इस मैच में यही वो पहला समय था, जिसमें निसांका की एंट्री हुई. सिर्फ कुछ ही गेंदों के अंतराल में वो संभावित विलेन से हीरो बन गए. इसकी शुरुआत 16वें ओवर की दूसरी गेंद पर हुई, जब मैक्सवेल ने एक ऊंचा शॉट खेला लेकिन निसांका आसान कैच को नहीं पकड़ पाए. ऑस्ट्रेलिया यहां से बड़े स्कोर की ओर बढ़ता हुआ दिख रहा था और निसांका उसके जिम्मेदार हो सकते थे. मगर कहते हैं ना कि अगर हौसला है और हिम्मत है तो किस्मत गिरकर उठने का एक मौका देती है.

निसांका को भी ऐसा ही एक मौका मिला और इसके लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा. 17वें ओवर की पहली ही गेंद पर मैक्सवेल ने रिवर्स स्वीप शॉट जमाया. एक बार फिर गेंद हवा में थी लेकिन इस बार बॉल तेजी से बाउंड्री की ओर बढ़ रही थी. मगर पलक झपकते ही निसांका ने बैकवर्ड पॉइंट पर डाइव लगाकर ऐसा कैच लपका, जिसको देखकर सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं.

मैक्सवेल पवेलियन लौट गए और यहां से अगले 21 रनों के भीतर ही ऑस्ट्रेलिया ने बचे हुए 5 विकेट भी गंवा दिए. इस कैच ने निश्चित रूप से मैच का रुख पलट दिया था क्योंकि यहां अगर निसांका नाकाम होते तो ऑस्ट्रेलिया अपने स्कोर को 200 रन के करीब या उसके पार पहुंचा सकती थी, जो श्रीलंका के लिए मुश्किल साबित हो सकते थे.

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फिर ठोका वर्ल्ड कप का पहला शतक

इसके बाद बल्ले से कमाल दिखाने की बारी थी और पारी की 8वीं गेंद पर ही निसांका ने अपने ओपनिंग पार्टनर को पवेलियन लौटता देखा. मगर इसका असर उन पर नहीं पड़ा और 27 साल के इस बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया के एक-एक गेंदबाज को निशाने पर लेते हुए चौके-छक्कों की बौछार कर दी. इस बल्लेबाज ने पहले कुसल मेंडिस के साथ मिलकर 97 रन जोड़े और फिर पवन रत्नायके के साथ 79 रन की नाबाद साझेदारी कर टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया. इस दौरान निसांका ने 52 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और 100 रन (10 चौके, 5 छक्के) की यादगार पारी खेलकर नाबाद लौटे.

कभी मां को बेचने पड़े थे फूल

श्रीलंका के गॉल में जन्मे पथुम निसांका पिछले करीब 5 साल से श्रीलंकाई टीम का हिस्सा हैं. उनका जन्म एक बेहद गरीब परिवार में हुआ था, जहां उनके पिता ग्राउंड्समैन के रूप में काम करते थे. वहीं घर चलाने के लिए उनकी मां को मंदिर के बाहर फूल बेचकर कमाई करनी पड़ती थी. इन 5 सालों में निसांका ने श्रीलंकाई टीम में अपनी जगह पक्की कर परिवार की स्थिति को सुधारा है और अब टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के लिए कांटा बन गए.