किसी भी ICC टूर्नामेंट की सबसे खास बात सिर्फ ये नहीं है कि उसमें एक-साथ कई सारी टीम खेलती हैं और अंत में एक टीम चैंपियन बनती है. ये तो इसकी बुनियाद है ही. मगर इसे और भी खास बनाती है अनिश्चितता. बड़ी टीमें ही कमाल करेंगी और उनमें से ही कोई चैंपियन बनेगा, ये तो लगभग तय होता है लेकिन उससे पहले कुछ न कुछ हैरतअंगेज नतीजे देखने को मिलते हैं. पिछले कुछ सालों में ऐसे नतीजे बढ़े हैं और इस बार T20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले ही दिन सबके होश उड़ने वाले थे. कुछ ऐसा होते-होते रह गया, जो करीब 19 साल पहले देखने को मिला था.
शनिवार 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में टी20 वर्ल्ड कप का आगाज हुआ. टूर्नामेंट का पहला ही मैच कोलंबो में हुआ, जहां पाकिस्तान के सामने नीदरलैंड की टीम थी. पाकिस्तान पर काफी नजरें थीं. एक तो टीम ने भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार के कारण बवाल खड़ा किया हुआ है. दूसरा, पिछले वर्ल्ड कप में उसे USA जैसी नई टीम ने हराते हुए टूर्नामेंट से बाहर करने में बड़ी भूमिका निभाई थी. इस बार पाकिस्तान ने किसी भी उलटफेर की संभावना को खत्म कर दिया और मैच जीत लिया.
मगर, उसे जीत के लिए पापड़ बेलने पड़ गए और नीदरलैंड की ओर से सिर्फ एक गलती ने उसे हार से बचा लिया. पाकिस्तान को आखिरी 2 ओवर में 29 रन चाहिए थे. मगर इस ओवर की दूसरी गेंद पर ही मैक्स ओ’डाउड ने फहीम अशरफ का कैच टपका दिया और यही उस पर भारी पड़ा. फहीम उस वक्त सिर्फ 7 रन पर थे. आखिर में फहीम ने उस ओवर से कुल 24 रन बटोरे और आखिरकार 11 गेंदों में नाबाद 29 रन बनाकर पाकिस्तान को 3 विकेट से जीत दिलाई. अगर वो कैच हो जाता तो पाकिस्तान की हार तय थी.
अब पाकिस्तान से ऐसे प्रदर्शन की उम्मीद ज्यादातर लोगों की थी लेकिन उससे भी ज्यादा चौंकाया टीम इंडिया ने. मौजूदा विजेता भारतीय टीम को लगातार दूसरी बार खिताब जीतने का दावेदार माना जा रहा है और वो सबसे मजबूत टीम है भी. मगर पहले ही मैच में उसके भी पसीने छूट गए. पाकिस्तान के मैच के महज 4 घंटे बाद भारतीय टीम मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में उसी USA के खिलाफ मैदान पर थी, जिसने पिछली बार पाकिस्तान को हराया था.
हालांकि, टीम इंडिया के लिए उसे ज्यादा बड़ा खतरा नहीं माना जा रहा लेकिन एक बार मैच शुरू हुआ तो अलग ही हालात दिखे. टीम इंडिया ने पहले बैटिंग की और देखते ही देखते सिर्फ 77 रन तक उसके 6 विकेट गिर गए. इसने सबके होश उड़ा दिया और शुरुआत में ही हार का खतरा मंडरा रहा था. इस बीच USA ने एक गलती की, जब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का कैच टपका दिया. सूर्या उस वक्त सिर्फ 15 रन पर थे और आखिरकार उन्होंने 49 गेंदों में 84 रन की विस्फोटक पारी खेलकर टीम को 161 रन तक पहुंचाया. ये USA पर भारी पड़ा और वो 29 रन से हार गई.
इस तरह टीम इंडिया और पाकिस्तान एक ही दिन बड़े उलटफेर का शिकार होने से बाल-बाल बच गए. अगर दोनों को हार मिलती तो ये 17 साल पुराना इतिहास खुद को दोहरा देता. असल में वनडे वर्ल्ड कप 2007 में भारत और पाकिस्तान को एक ही दिन सनसनीखेज हार का सामना करना पड़ा था. वो 17 मार्च का दिन था, जब एक तरफ बांग्लादेश ने भारत को हराते हुए उलटफेर कर दिया और दूसरी तरफ आयरलैंड ने पाकिस्तान को शिकस्त देते हुए चौंका दिया था. इस बार भी कुछ ऐसा हो सकता था लेकिन नीदरलैंड और USA के खिलाड़ियों ने एक जैसी गलती कर ये मौका गंवा दिया.