T20 World Cup 2026 Prize Money: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया का सफर अब अहम मोड़ पर पहुंच गया है. ग्रुप स्टेज में टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 में से 4 मैच जीते थे और ग्रुप टॉपर बनकर सुपर-8 में जगह बनाई थी. लेकिन सुपर-8 के पहले ही मुकाबले में साउथ अफ्रीका से 76 रनों की भारी हार ने सब कुछ बदल दिया. यह हार टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत की सबसे बड़ी हार साबित हुई है. इस खराब शुरुआत से टीम पर टूर्नामेंट से जल्दी बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है.
एक हार ने बदला पूरा खेल
इस हार का सबसे बड़ा असर नेट रन रेट पर पड़ा है, जो काफी नेगेटिव हो गया है. बाकी दो मैच जीतने के बावजूद अगर NRR में सुधार नहीं हुआ, तो टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो सकती है. ये दो बड़े मुकाबले जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले जाने हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर टीम सुपर-8 से ही बाहर हो जाती है, तो आर्थिक रूप से कितना नुकसान होगा?
टीम इंडिया को होगा कितने करोड़ का नुकसान?
आईसीसी टूर्नामेंट्स में हर टीम को उसके प्रदर्शन के आधार पर प्राइज मनी मिलती है. पिछले एडिशन के मुताबिक, सुपर-8 में पहुंचने वाली टीमों को बेसिक प्राइज मनी मिलती है, लेकिन आगे बढ़ने पर यह बढ़ती जाती है. सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों को लगभग 7,90,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 7 करोड़ 15 लाख रुपए) की गारंटीड रकम मिलती है. वहीं, सुपर-8 से बाहर होने वाली टीमों (5वें से 8वें स्थान पर) को करीब 3,80,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 3.5 करोड़ रुपए) मिलते हैं.
इस हिसाब से अगर टीम इंडिया सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाती है, तो उसे सेमीफाइनलिस्ट बनने वाली राशि से लगभग 4 लाख डॉलर (करीब 3.6 करोड़ रुपए) का नुकसान हो सकता है. यह अंतर टीम के लिए काफी बड़ा है, क्योंकि ग्रुप स्टेज में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद सुपर-8 में शुरुआती हार ने स्थिति को मुश्किल बना दिया है. टीम इंडिया के लिए अब चुनौती सिर्फ मैच जीतने की नहीं, बल्कि बड़े मार्जिन से जीतकर NRR को सुधारने की है. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम को अब हर गेंद, हर रन पर फोकस करना होगा. ग्रुप स्टेज का शानदार फॉर्म वापस लाना और सुपर-8 में कमबैक करना जरूरी है, ताकि न सिर्फ सेमीफाइनल का टिकट मिले, बल्कि प्राइज मनी के नुकसान से भी बचा जा सके.
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