T20 World Cup 2026 से बाहर होने के फैसले पर अब बांग्लादेश का यू-टर्न देखने को मिल रहा है. 20 दिन के अंदर ही बांग्लादेश अपने बयान से पलट चुका है. 10 फरवरी को दिए ताजा बयान में बांग्लादेश के स्पोर्ट्स एडवाइजर आसिफ नजरूल ने कहा कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 से हटने का फैसला पूरी तरह से देश की क्रिकेट बोर्ड और उसके खिलाड़ियों का था. हैरानी की बात ये है कि ताजा बयान 22 जनवरी को कही बातों से ठीक उलट है.
बांग्लादेश के T20 WC से बाहर होने पर 22 जनवरी का बयान
22 जनवरी को कहा गया था कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 से हटने का फैसला पूरी तरह से बांग्लादेश सरकार का था. बांग्लादेश के स्पोर्ट्स एडवाइजर आसिफ नजरूल ने 22 जनवरी को खिलाड़ियों से मुलाकात की थी, जिसके बाद लिट्टन दास ने खुलासा करते हुए कहा था कि वर्ल्ड कप से बाहर होने संबंधी किसी भी चर्चा में खिलाड़ी शामिल नहीं थे.
जबकि, आसिफ नजरूल ने उस मीटिंग के बाद कहा था कि खिलाड़ियों को सरकार के फैसले के बारे में बता दिया गया है. उन्होंने 22 जनवरी को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि मीटिंग का मुख्य मकसद था खिलाड़ियों को सरकार के फैसले के बारे में बताना. उन्हें ये समझाना कि सरकार ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 से हटने का कदम क्यों उठाया? मुझे लगता है कि वो समझ गए होंगे.
10 फरवरी को आसिफ नजरूल ने दिया ये बयान
लेकिन, अब जो उन्होंने कहा है, उससे लोगों को हैरान कर दिया है. आसिफ नजरूल ने 10 फरवरी को कहाकि T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने का फैसला सरकार का नहीं बल्कि BCB और खिलाड़ियों का था. उन्होंने देश की मर्यादा और उसकी क्रिकेट को बचाने के लिए ये बलिदान दिया है.
हालांकि, आसिफ नजरूल ने ICC के हाल ही में बांग्लादेश के प्रति जताए रवैए की प्रशंसा की है. T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने के बाद भी ICC ने बांग्लादेश पर नरम रुख अपनाया और कोई प्रतिबंध नहीं लाया. साथ ही ये भी कहा कि बांग्लादेश को इंटरनेशनल मुकाबलों की मेजबानी मिलती रहेंगी.