T20 World Cup 2026: ये है टीम इंडिया की सबसे बड़ी कमजोरी, 60 गेंदों में सामने आया सच

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया अबतक अजेय है. पहले उसने अमेरिका को हराया, फिर नामीबिया को मात दी. पाकिस्तान भी भारत के आगे नहीं टिक सका और अंत में उसने नेदरलैंड्स को भी हरा दिया. टीम इंडिया लगातार चार मैच जीतकर सुपर 8 में पहुंची और अब वो सेमीफाइनल में पहुंचने की जद्दोजहद शुरू करने वाली है. हालांकि इस राउंड से पहले टीम इंडिया की एक ऐसी कमजोरी सामने आ गई है जो उसके लिए टी20 वर्ल्ड कप में घातक साबित हो सकती है. आइए आपको बताते हैं क्या है वो कमी?

स्पिन के खिलाफ टीम इंडिया का प्रदर्शन

टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने मैच तो सारे जीते हैं लेकिन अगर 7 से 10 ओवर के बीच स्पिनर्स के खिलाफ उसके प्रदर्शन को देखें तो वो सबसे पीछे नजर आती है. टीम इंडिया ने 7 से 10 ओवर के बीच स्पिनर्स के खिलाफ 60 गेंदों में 64 ही रन बनाए हैं. भारत का औसत महज 32 है और स्ट्राइक रेट बेहद ही कम 106.6 का है. इन्हीं ओवर्स में अगर दूसरी टीमों का प्रदर्शन देखें तो 1168 गेंदों में 1438 रन बने हैं. वहीं दूसरी टीमों का स्ट्राइक रेट भी 123.1 का है. मतलब टी20 वर्ल्ड कप में मिडिल ओवर्स में टीम इंडिया स्पिनर्स के खिलाफ फंस रही है.

भारत को अब बड़ी टीमों से भिड़ना है

टीम इंडिया को अब सुपर 8 में उन टीमों से भिड़ना है जो कि लीग स्टेज में एक भी मैच नहीं हारी हैं. सुपर 8 में पहला मैच साउथ अफ्रीका से है. इस टीम में केशव महाराज, एडेन मार्करम टीम इंडिया के बल्लेबाजों को फिरकी के जाल में फंसा सकते हैं. सुपर 8 में जिम्बाब्वे से टीम इंडिया को 26 फरवरी को भिड़ना है और इस टीम में सिकंदर रजा, रायन बर्ल और ग्रेम क्रीमर जैसे स्पिनर्स भी हैं. वेस्टइंडीज से टीम इंडिया को 1 मार्च को भिड़ना है और इस टीम में भी अकील होसैन, गुडाकेश मोती जैसे स्पिनर्स हैं. साफ है टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने अगर स्पिनर्स के खिलाफ खेल नहीं सुधारा तो उसे सेमीफाइनल में जाने में परेशानी हो सकती है.

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