ICC का कहना है कि ऐसे फैसले क्रिकेट की भावना के खिलाफ हैं.
ICC ने दी पाकिस्तान बोर्ड को चेतावनी
क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार, ICC ने साफ शब्दों में कहा है कि उसके सभी टूर्नामेंट ईमानदारी, बराबरी और निष्पक्षता पर चलते हैं. अगर कोई टीम या बोर्ड अपनी मर्जी से मैच खेलने या न खेलने का फैसला करता है, तो इससे पूरे टूर्नामेंट की साख को नुकसान पहुंचता है. ICC के मुताबिक, चुनिंदा मैच खेलना या छोड़ना खेल की भावना को कमजोर करता है.
सरकारों की भूमिका, लेकिन खेल से समझौता नहीं
ICC ने यह भी माना कि हर देश की अपनी सरकारी नीतियां होती हैं और क्रिकेट बोर्ड उन नीतियों का सम्मान करते हैं. हालांकि ICC का कहना है कि ऐसे फैसले वैश्विक क्रिकेट और करोड़ों क्रिकेट फैंस के हित में नहीं होते. खास बात यह है कि ICC ने पाकिस्तान के दर्शकों का भी जिक्र किया और कहा कि बहिष्कार से सबसे ज्यादा नुकसान फैंस को ही होगा.
पाकिस्तान क्रिकेट को हो सकता है नुकसान
ICC ने PCB को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के फैसलों का असर लंबे समय तक पाकिस्तान क्रिकेट पर पड़ सकता है. इससे न सिर्फ पाकिस्तान की छवि खराब होगी, बल्कि वैश्विक क्रिकेट व्यवस्था भी प्रभावित होगी. ICC ने याद दिलाया कि PCB खुद इस वैश्विक क्रिकेट सिस्टम का हिस्सा है और इससे उसे भी फायदा होता है.
T20 वर्ल्ड कप ICC की सबसे बड़ी प्राथमिकता
ICC ने दो टूक कहा कि उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता पुरुषों के T20 वर्ल्ड कप का सफल आयोजन है. यह जिम्मेदारी सिर्फ ICC की नहीं, बल्कि सभी सदस्य देशों की भी है. ICC ने PCB से उम्मीद जताई है कि वह बातचीत के जरिए ऐसा समाधान निकालेगा, जिससे सभी पक्षों के हित सुरक्षित रहें और किसी को नुकसान न हो.