T20 World Cup में खेलने के लिए वैभव सूर्यवंशी ने लिया बड़ा फैसला, मटन-चिकन छोड़ शुरू किया ये खाना

Vaibhav Sooryavanshi Diet: जिम्बाब्वे और नामीबिया की धरती से भारत को अंडर 19 वर्ल्ड कप का खिताब दिलाकर लौटे वैभव सूर्यवंशी इन दिनों राजस्थान रॉयल्स के ट्रेनिंग कैप में हैं. वो वहां IPL 2026 के लिए अपनी तैयारियों को निखारने का काम कर रहे हैं. लेकिन, वैभव सूर्यवंशी का असली मकसद क्या है? वही जो हर उभरते क्रिकेटर का सपना होता है. टीम इंडिया की सीनियर टीम की जर्सी पहनना और अपने इस सपने को जीने के लिए वैभव सूर्यवंशी ने एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने अब मटन-चिकन से तौबा कर लिया है.

वैभव सूर्यवंशी ने क्यों छोड़ा मटन-चिकन?

TV9 से बातचीत में वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने बताया कि उनके बेटे ने अब मटन-चिकन खाना छोड़ दिया है. इस बड़े फैसले की वजह उनकी फिटनेस से जुड़ी है. टीम इंडिया की सीनियर टीम में जल्दी से जल्दी जगह बनानी है और उसके लिए 2028 में होने वाला T20 वर्ल्ड कप खेलना है तो उसके लिए फॉर्म के साथ-साथ फिटनेस भी जरूरी है.

अब ये तो सभी को पता है कि वैभव को खाने में मटन-चिकन कितना पसंद है? वो बड़े चाव से मटन-चिकन खाया करते थे. लेकिन जब बात टीम इंडिया के लिए खेलने की चल रही है तो उन्होंने अपने पसंदीदा खाने का त्याग करने में भी जरा भी हिचक नहीं दिखाई.

मटन-चिकन नहीं तो क्या खा रहे वैभव सूर्यवंशी?

संजीव सूर्यवंशी ने बताया कि उनका बेटा अब मांसाहारी से शाकाहारी हो गया है. उसने अब मटन-चिकन का मोह त्यागकर उसकी जगह दाल-भात खा रहा है. TV9 से बातचीत में पिता ने बताया कि वैभव अब मटन-चिकन नहीं पनीर की सब्जी खा रहा है.

सूर्यवंशी को टीम इंडिया में जगह मिलने पर क्या बोले पिता और कोच?

वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की सीनियर टीम में जगह मिलने को लेकर उनका अंदाजा क्या है? जब हमने इस सवाल का जवाब जानना चाहा तो पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहा कि उनका बेटा तैयार है. अब ये BCCI को तय करना है कि वो उसे कब मौका देती है.

TV9 से बातचीत में हालांकि, वैभव सूर्यवंशी के कोच मनीष ओझा पहले ही दावा कर चुके हैं कि आईपीएल 2026 के बाद वैभव को भारत की T20 टीम में मौका मिल सकता है. ऐसा होने की उम्मीद भी बनती है क्योंकि वैभव सूर्यवंशी तब तक 15 साल के हो चुके होंगे जो कि इंटरनेशनल लेवल पर सीनियर टीम में खेलने की खिलाड़ी के लिए ICC की ओर से तय की गई उम्र सीमा है.

वैभव को अगर मौका मिलता है और वो उस मौके को भुनाकर टीम में बने रहते हैं तो फिर हो सकता है कि उनका नाम T20 वर्ल्ड कप 2028 के लिए चुनी भारतीय टीम में भी हो सकता है.