T20 World Cup: पाकिस्तान की हवाबाजी हुई खत्म…T20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ खेलने के लिए हुआ राजी

स्पोर्ट्स : विश्व भर के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. कई हफ्तों से जारी अनिश्चितता और तनाव के बाद अब यह आधिकारिक तौर पर साफ हो गया है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सबसे बड़ा मुकाबला, यानी भारत बनाम पाकिस्तान, अपने निर्धारित समय और स्थान पर ही आयोजित होगा.

लाहौर में आईसीसी, पीसीबी और बीसीबी के बीच हुई एक मैराथन बैठक के बाद यह आम सहमति बनी है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आखिरकार इस बहुप्रतीक्षित मैच में खेलने पर अपनी अंतिम रजामंदी दे दी है. हालांकि, इसकी अधिकारिक घोषणा अभी बाकी है.

आईसीसी ने सिरे से खारिज की पाकिस्तान की मांग

आपको बता दें कि लाहौर में रविवार को आयोजित हुई इस उच्चस्तरीय त्रिपक्षीय बैठक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अत्यंत कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया. सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से पेश की गई ज्यादातर विवादास्पद और बड़ी मांगों को आईसीसी ने सिरे से खारिज कर दिया. इसके बाद पीसीबी को अपनी पुरानी रणनीति बदलकर नरम रुख अपनाना पड़ा. घंटों चली इस विस्तृत चर्चा में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने भी एक कुशल मध्यस्थ के रूप में बहुत ही अहम भूमिका निभाई. आखिरकार, यह सर्वसम्मति से तय हुआ कि खेल के हित में यह मुकाबला अनिवार्य है.

बहिष्कार की धमकी के बाद PAK का यू-टर्न

इससे पहले पाकिस्तान की सरकार ने अपने क्रिकेट बोर्ड को भारत के खिलाफ मैच न खेलने की बहुत ही सख्त हिदायत दी थी. राजनैतिक और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पाकिस्तान ने बहिष्कार की खुली धमकी दी थी, जिससे पूरे वर्ल्ड कप आयोजन पर संकट के काले बादल मंडराने लगे थे. आईसीसी और ब्रॉडकास्टर्स इस संभावित बड़े आर्थिक नुकसान को लेकर काफी चिंतित थे. हालांकि, वैश्विक क्रिकेट बिरादरी के भारी दबाव और आईसीसी के दृढ़ संकल्प के आगे पाकिस्तान को अपना फैसला बदलना पड़ा. यह मैराथन बैठक पाकिस्तान के लिए रणनीतिक रूप से फलदायी नहीं रही.

बांग्लादेश की अपील का बड़ा असर

इस जटिल विवाद को सुलझाने में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) की सक्रियता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहनीय मानी जा रही है. बीसीबी अध्यक्ष ने व्यक्तिगत रूप से पाकिस्तान से बार-बार यह भावुक अपील की थी कि वे क्रिकेट के व्यापक हित में इस महामुकाबले से किसी भी हाल में पीछे न हटें. बांग्लादेश का स्पष्ट मानना था कि भारत-पाकिस्तान मैच का रद्द होना पूरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इकोसिस्टम के लिए एक अपूरणीय और ऐतिहासिक क्षति होगी. पड़ोसी देश के इस तर्कसंगत अनुरोध और लगातार की गई बातचीत ने अंततः पीसीबी के कड़े रुख को नरम कर दिया.

कोलंबो में ही दिखेगा महामुकाबला

बैठक में हुए नए समझौते के अनुसार, 15 फरवरी को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो का प्रतिष्ठित आर प्रेमदासा स्टेडियम इस ऐतिहासिक जंग की शानदार मेजबानी करेगा. आईसीसी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे किसी भी स्थिति में वेन्यू बदलने के पक्ष में नहीं हैं. कोलंबो में इस मैच के आयोजन से श्रीलंका की स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलने की प्रबल संभावना है. दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमी इस अच्छी खबर का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. अब स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और अन्य तकनीकी इंतजामों को बहुत तेजी से गति दी जा रही है.

आर्थिक नुकसान से बची आईसीसी

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला यह मुकाबला न केवल खेल बल्कि व्यावसायिक दृष्टि से भी सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है. अगर यह मैच रद्द होता, तो आईसीसी, ब्रॉडकास्टर्स और अन्य सदस्य बोर्डों को करोड़ों डॉलर का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता. विज्ञापन और टिकटों की बिक्री से होने वाली आय का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी एक मैच की लोकप्रियता पर टिका होता है. अब इस गतिरोध के समाप्त होने से न केवल आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हुई है, बल्कि वैश्विक स्तर पर क्रिकेट की गरिमा और साख को भी एक नई और प्रभावी मजबूती मिली है.

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