टी20 क्रिकेट के इतिहास में आज तक कोई भी टीम लगातार 2 बार वर्ल्ड कप नहीं जीती है. कोई भी टीम 3 बार ये ट्रॉफी नहीं जीती है. किसी ने भी अपने घर में ये खिताब अपने नाम नहीं किया है. शनिवार 7 फरवरी को जब टीम इंडिया मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में अमेरिका के खिलाफ मैदान पर उतरेगी, तो वो ये सारे इतिहास बदलने के अपने अभियान का आगाज करेगी. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम एक बार फिर खिताब की दावेदार है और इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीम नजर आ रही है. इसके बावजूद इस टीम में कुछ ऐसी कमजोरियां हैं, जो टूर्नामेंट के दौरान नुकसान पहुंचा सकती हैं.
कैच लपकना भूले खिलाड़ी
टीम इंडिया के लिए सबसे ज्यादा चिंता कैच लपकने की है. कप्तान सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या और रिंकू सिंह जैसे बेहतरीन फील्डर्स के बावजूद भारतीय टीम कैच लपकने के मामले में टीम इंडिया फिसड्डी साबित हो रही है. पिछले साल एशिया कप से लेकर हालिया न्यूजीलैंड टी20 सीरीज तक भारतीय टीम की कैच लपकने की सफलता 75 फीसदी से भी कम थी, जो बड़ी टीमों में सबसे खराब है. टी20 वर्ल्ड कप 2024 के फाइनल में सूर्यकुमार यादव के कैच ने ही भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाया था. ऐसे में मौजूदा हालात में यही कमी उसके हाथ से ट्रॉफी निकलवा सकती है.
अटैकिंग बल्लेबाज लेकिन कमजोर कीपर
भारतीय टीम ने विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में संजू सैमसन और ईशान किशन को चुना है. मगर दोनों ही अपनी कीपिंग से ज्यादा बैटिंग के कारण स्क्वॉड का हिस्सा हैं. विकेट के आगे दोनों जितने आक्रामक हैं, स्टंप्स के पीछे उतने ही कमजोर हैं. खास तौर पर ईशान इस मामले में ज्यादा परेशान नजर आते हैं और फिलहाल ऐसा लग रहा है कि वो ही टीम के ओपनर-विकेटकीपर होंगे. न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्हें सिर्फ एक मैच में कीपिंग की जिम्मेदारी मिली थी और उसमें ईशान ने 8 रन बाइ के दिए थे, जबकि 2 स्टंपिंग भी छोड़ी थी. वहीं स्टंपिंग के मामले में सैमसन भी बहुत सफल नहीं हैं.
ओपनिंग में इतनी अस्थिरता
ये एक ऐसी समस्या है, जिसके बारे में 2 हफ्ते पहले किसी ने नहीं सोचा होगा. खास तौर पर अभिषेक शर्मा की विस्फोटक बैटिंग को देखते हुए ये कहना मुश्किल है लेकिन सवाल उनके जोड़ीदार का है. संजू सैमसन को इस रोल में फिक्स माना जा रहा था लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में वो बुरी तरह फ्लॉप रहे और 5 पारियों में सिर्फ 45 रन बना सके. ऐसे में अब ईशान किशन को ये जिम्मेदारी मिलती दिख रही है, जो बेहतरीन फॉर्म में हैं. अब अगर ईशान भी 2 मैच में नहीं चलते तो टीम इंडिया दबाव का दबाव में आना तय नहीं है और ऐसे में फिर से सैमसन के पास वापस जाना पड़ सकता है. कुल मिलाकर ओपनिंग जोड़ी का सेटल न होना एक बड़ी चिंता है.
चोट-बीमारी बढ़ा रही चिंता
फिटनेस पर फोकस को लेकर पिछले कुछ सालों में भारतीय टीम ने खूब वाहवाही लूटी है लेकिन मौजूदा टीम में कुछ प्रमुख खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनके चोटिल होने की आशंका लगातार बनी रहती है. हर्षित राणा पहले ही चोट के कारण बाहर हो चुके हैं, जबकि वॉशिंगटन सुंदर की वापसी पर अभी स्थिति साफ नहीं है. वहीं USA के खिलाफ मैच से पहले ही जसप्रीत बुमराह बुखार की चपेट में आ गए. साथ ही उनकी पीठ की चोट के उबरने का खतरा रहता है. ऐसा ही डर हार्दिक पंड्या को लेकर भी बना रहता है, जबकि ईशान किशन, अक्षर पटेल, शिवम दुबे समेत कुछ अन्य खिलाड़ी भी इस मामले में परेशान रहे हैं.
वाइड-नोबॉल से परेशान
ये परेशानी है, जिसे क्रिकेट में अपराध से कम नहीं माना जाता. खास तौर पर नोबॉल. टीम इंडिया के स्टार पेसर बुमराह कुछ मौकों पर इससे परेशान रहे हैं. मगर इससे भी ज्यादा दिक्कत है वाइड बॉल की और इस मामले में सबसे ज्यादा अर्शदीप सिंह लगातार सवालों के घेरे में रहते हैं. अपने छोटे से इंटरनेशनल करियर में अर्शदीप कई बार एक ही ओवर में 3-4 वाइड डालने के कारण आलोचना झेल चुके हैं. इसी तरह मोहम्मद सिराज और हार्दिक पंड्या के साथ ही ये दिक्कत है.