अभिषेक शर्मा खेलेंगे या नहीं? कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर में से किसे मौका दिया जाए? जसप्रीत बुमराह को किस वक्त बॉलिंग दी जाए? उस्मान तारिक से भारतीय बल्लेबाज कैसे निपटेंगे? पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच से पहले इन सवाल और मुद्दों पर भारतीय एक्सपर्ट्स और फैंस लगातार चर्चा कर रहे हैं. इन सभी का सही तालमेल टीम इंडिया को जीत दिला सकता है. मगर एक वास्तविकता ये भी है कि भारतीय टीम को जीत हासिल करनी है तो कप्तान सूर्यकुमार यादव को कुछ बड़ा कमाल करना होगा.
टी20 वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेली थी. उस सीरीज से पहले पिछले करीब 14 महीनों तक भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव की फॉर्म लगातार सवालों के घेरे में थी. उनसे अर्धशतक लगना तो दूर, खुलकर रन तक नहीं लग रहे थे. फाइन लेग पर जिन शॉट्स पर वो गेंद को बाउंड्री के पार भेजते थे, उस पर विकेट गंवा रहे थे. ऐसे में वर्ल्ड कप के लिए उनको ही बाहर करने की मांग भी हो रही थी.
मगर पिछले करीब करीब एक महीने में सूर्यकुमार ने इन सब आवाजों को शांत कर दिया है और पुरानी लय में लौट आए हैं. यहां तक कि अमेरिका के खिलाफ पहले मैच में उनकी ही पारी थी, जिसने टीम को उलटफेर से बचाया. इसके बावजूद भारत-पाकिस्तान मैच से पहले भारतीय कप्तान पर पूरी तरह भरोसा करना मुश्किल हो रहा है और वजह है पाकिस्तान के खिलाफ सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड.
पिछले साल को छोड़ दें तो 2021 में अपने डेब्यू के बाद से लगातार 4 साल सूर्यकुमार यादव टी20 इंटरनेशनल में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रहे. उन्होंने हर टीम को अपना शिकार बनाया लेकिन इस दौरान भी पाकिस्तान के खिलाफ उनका बल्ला कभी नहीं चला. इस टीम के खिलाफ अपने करियर में सूर्या ने कुल 8 टी20 मैच खेले हैं और कुल 112 रन ही बना सके हैं. उन्होंने एक भी अर्धशतक नहीं जमाया है.
इतना ही नहीं, इस दौरान वो 7 बार आउट हुए हैं, जिसमें से 6 बार पाकिस्तानी तेज गेंदबाजों ने उन्हें पवेलियन लौटाया है. इनमें भी 3 बार तो तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने ही सूर्यकुमार यादव का विकेट लिया है. हालांकि, इस बार रऊफ नहीं खेल रहे हैं लेकिन इसके बावजूद शाहीन अफरीदी और नसीम शाह जैसे विकल्प पाकिस्तान के पास हैं. साथ ही इस बार स्पिनर्स का खतरा बना रहेगा.
हालांकि, ऐसे रिकॉर्ड के बावजूद टीम इंडिया को इनमें से 6 मैच में जीत मिली थी. मगर इस बार कप्तान सूर्यकुमार यादव को खुद आगे आकर पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा संभालना होगा और इन आंकड़ों में बदलाव करना होगा. अगर ऐसा होता है तो टीम इंडिया वर्ल्ड कप में अपनी जीत का सिलसिला जारी रखेगी और साथ ही पाकिस्तान के खिलाफ भारत का स्कोर 8-1 हो जाएगा.