भारतीय महिला हॉकी टीम के नए हेड कोच का ऐलान हो गया है. टोक्यो ओलंपिक में भारतीय टीम को चौथे स्थान पर पहुंचाने वाले Sjoerd Marijne एक बार फिर टीम के हेड कोच नियुक्त हुए हैं. मारिजने, हरेंद्र सिंह की जगह लेंगे, जिन्हें पिछले साल दिसंबर में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन और अपनी मनमानी वाले कोचिंग रवैये के आरोपों के कारण इस्तीफा देना पड़ा था. 51 साल के मारिजने, जो 2017 से 2021 तक टीम से जुड़े रहे, उन्हें स्ट्रेटिजिक कोच के तौर पर मटियास विला का साथ मिलेगा. दक्षिण अफ्रीका के वेन लोम्बार्ड भी भारतीय हॉकी टीम में वापसी कर रहे हैं, जो एक बार फिर वैज्ञानिक सलाहकार और एथलेटिक प्रदर्शन प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं देंगे.
मारिजाने ने वापसी के बाद क्या कहा?
भारतीय महिला हॉकी टीम का कोच बनने के बाद मारिजने ने कहा, ‘वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है. साढ़े चार साल बाद, मैं नई एनर्जी और साफ रणनीति के साथ टीम के विकास में सहयोग करने और खिलाड़ियों को वर्ल्ड लेवल पर अपनी पूरी क्षमता हासिल करने में मदद करने के लिए लौटा हूं.‘ मारिजाने की टीम में काफी इज्जत होती थी और उन्हें टीम को एकजुट करने का श्रेय दिया जाता था. मारिजने ने टोक्यो ओलंपिक के बाद पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपना पद छोड़ दिया था. उनके कार्यकाल के दौरान, भारतीय महिला टीम वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप 10 में भी शामिल हुई थी.
भारतीय महिला हॉकी टीम का बुरा हाल
टोक्यो में मिली सफलता के बाद, टीम को एक चुनौतीपूर्ण ट्रांजिशन का सामना करना पड़ा जब चोट से जूझ रही कप्तान रानी रामपाल, वंदना कटारिया और दीप ग्रेस एक्का जैसे प्रमुख खिलाड़ियों ने संन्यास ले लिया. महिला टीम 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई लेकिन 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2023 एशियाई खेलों दोनों में पोडियम पर जगह बनाने में सफल रही और कांस्य पदक हासिल किए. टीम ने पिछले साल एशिया कप में रजत पदक जीता था, लेकिन ये बेल्जियम और नीदरलैंड में इस अगस्त में होने वाले विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करने के लिए काफी नहीं था. पिछले साल एलीट एफआईएच प्रो लीग में खेले गए 16 मैचों में से केवल दो जीत हासिल करने के बाद टीम को नेशंस कप में डिमोट कर दिया गया था.
मारिजाने की पहली चुनौती
हेड कोच के तौर पर मारिजने की पहली बड़ी चुनौती 8 से 14 मार्च तक हैदराबाद, तेलंगाना में होने वाले विश्व कप क्वालीफायर होंगे. वो 14 जनवरी को भारत पहुंचेंगे, जबकि राष्ट्रीय कोचिंग शिविर 19 जनवरी को एसएआई, बेंगलुरु में शुरू होगा.