SA20 में पहली बार सुपर ओवर से फैसला, IPL ऑक्शन में जिस बॉलर की हुई अनदेखी, उसने दिलाई जीत

T20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले इन दिनों साउथ अफ्रीका में SA20 लीग का एक्शन चल रहा है. लीग के चौथे सीजन में बीते सालों की तरह रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं. मगर इस लीग में जो पिछले 3 सीजन में नहीं हुआ, वो आखिरकार इस बार हो ही गया. जोबर्ग सुपर किंग्स और डरबन सुपर जायंट्स के बीच खेला गया लीग का 9वां मैच टाई हो गया और इस तरह SA20 के इतिहास में पहली बार किसी मैच का फैसला सुपर ओवर में हुआ, जहां जोबर्ग ने जीत दर्ज की.

जोहानिसबर्ग में गुरुवार 1 जनवरी यानि साल के पहले दिन ही ये ऐतिहासिक मुकाबला देखने को मिला. होम टीम जोबर्ग ने इस मैच में पहले बैटिंग की और 4 विकेट खोकर 205 रन का अच्छा खासा स्कोर खड़ा किया. उसके लिए कप्तान फाफ डुप्लेसी ने 47 रन बनाए जबकि शुभम रंजने ने 50 रन की पारी खेली. मगर सबसे असरदार बैटिंग की डोनोवन फरेरा ने. इस विकेटकीपर-बल्लेबाज 10 गेंदों में ही 33 रन कूट दिए और टीम को इस स्कोर तक पहुंचाया.

डरबन सुपर जायंट्स का टॉप ऑर्डर इस रन चेज में कुछ खास योगदान नहीं दे सका लेकिन मिडिल ऑर्डर में हेनरिख क्लासन और एवन जोन्स ने टीम को बचाया. खास तौर पर जोन्स ने तो सिर्फ 17 गेंदों में ही 43 रन कूट दिए, जबकि क्लासन ने 19 गेंदों में 29 रन का योगदान दिया. इस दौरान तेज गेंदबाज रिचर्ड ग्लीसन ने सबसे ज्यादा 3 विकेट हासिल किए. आखिरी ओवर में डरबन को 15 रन की जरूरत थी लेकिन टीम 14 रन ही बटोर सकी और इस तरह स्कोर बराबरी पर पहुंच गया, जिसके चलते फैसला सुपर ओवर से कराना पड़ा.

पहली बार SA20 के इतिहास में सुपर ओवर हो रहा था और यहां पर जलवा दिखा उस गेंदबाज का, जिसे कुछ ही हफ्तों पहले IPL ऑक्शन में किसी टीम ने भाव नहीं दिया था. ये गेंदबाज हैं इंग्लैंड के पेसर रिचर्ड ग्लीसन, जो पहले ही मैच में 3 विकेट ले चुके थे लेकिन 41 रन भी लुटा चुके थे. इसके बावजूद जोबर्ग के कप्तान डुप्लेसी ने ग्लीसन पर ही भरोसा जताया और ये सही साबित हुआ. ग्लीसन ने सुपर ओवर में सिर्फ 5 रन दिए और 1 विकेट झटका. जोबर्ग को सिर्फ 6 रन का लक्ष्य मिला, जिसे 3 गेंदों के अंदर फरेरा ने 2 चौके बरसाकर हासिल कर लिया.