रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन ऐतिहासिक अंत की ओर बढ़ रहा है. भारतीय क्रिकेट के इस सबसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट के मौजूदा सीजन ने पहले ही इतिहास बनते हुए देख लिया था. अब कुछ ऐसा होने जा रहा है, जो इससे पहले कभी नहीं हुआ. पहली बार रणजी ट्रॉफी का सेमीफाइनल खेल रही जम्मू और कश्मीर (J-K) की टीम पहले फाइनल के बेहद करीब पहुंच गई है. बंगाल के खिलाफ सेमीफाइनल मैच के तीसरे दिन एक बार फिर आकिब नबी की बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर J-K ने दूसरी पारी में सिर्फ 99 रन पर ढेर कर दिया. इस तरह उसे जीत के लिए सिर्फ 124 रन का लक्ष्य मिला.
पश्चिम बंगाल के कल्याणी में मंगलवार 17 फरवरी को मैच का तीसरा दिन बंगाल के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा. खास तौर पर टीम के दिग्गज भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए ये खट्टा-मीठा साबित हुआ. एक तरफ शमी ने अपने फर्स्ट क्लास करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और J-K की पहली पारी में रिकॉर्ड 8 विकेट लेकर अपनी टीम को 26 रन की अहम बढ़त दिलाई. मगर उनकी इस मेहनत पर बंगाल के बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में पूरी तरह पानी फेर दिया.
पहली पारी में बढ़त के बाद बंगाल से दूसरी पारी में अच्छे स्कोर की उम्मीद थी ताकि वो जीत दर्ज कर सके या फिर मैच को ड्रॉ करवाते हुए फाइनल में जगह बना सके. मगर पूरे सीजन में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी करने वाले तेज गेंदबाज आकिब नबी ने एक बार फिर अपना कहर बरपा दिया. पहली पारी में 5 विकेट लेने वाले नबी ने दूसरी पारी में भी ऐसा ही कमाल किया और बंगाल के 4 शिकार करते हुए पूरी टीम को सिर्फ 25 ओवर में 99 रन पर ही ढेर कर दिया. नबी का एक बार फिर अच्छा साथ दिया सुनील कुमार ने. पहली पारी के 3 विकेट के बाद इस बार वो 4 विकेट झटकने में सफल रहे.
इतने छोटे स्कोर पर ढेर होने के कारण बंगाल की टीम बड़ा लक्ष्य नहीं दे पाई. जम्मू-कश्मीर को दूसरी पारी में जीत के लिए सिर्फ 126 रन का ही लक्ष्य मिला. हालांकि जवाब में इस टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और सिर्फ 12 रन तक उसने दो विकेट गंवा दिए थे. दोनों विकेट आकाश दीप को मिले. मगर अनुभवी बल्लेबाज शुभम पुंडीर ने फिर पारी को संभाला और दिन का खेल खत्म होने तक टीम को 43 रन तक पहुंचा दिया था. अब चौथे दिन जम्मू-कश्मीर के सामने बचे हुए 83 रन हासिल करने की चुनौती होगी. अब क्या शमी एक बार फिर अपनी टीम को बचा पाएंगे या नहीं, बुधवार 18 फरवरी को तस्वीर साफ हो जाएगी.