Shubham Pundir: जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जिस दिलेरी के साथ कर्नाटक के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. उसी दिलेरी के साथ मैदान पर उनकी टीम का खेल भी देखने को मिल रहा है. जम्मू कश्मीर के ओपनर्स स्कोर बोर्ड में भले ही बड़ा स्कोर नहीं लगा सके. मगर उसके बाद जो बल्लेबाजी देखने को मिली है, वो पहली बार टूर्नामेंट का फाइनल खेल रही जम्मू-कश्मीर की टीम की काबिलियत की पूरी कहानी कहती है. 27 साल के शुभम पुंडीर के शतक का इसमें सबसे बड़ा रोल है. उनके शतक की सबसे बड़ी बात ये रही कि उन्होंने उसकी स्क्रिप्ट छक्के से लिखी.
सिक्स मारकर पूरा किया शतक
बाएं हाथ के बल्लेबाज शुभम पुंडीर 185 गेंदों पर 94 रन बनाकर खेल रहे थे. ऐसे समय में हर बल्लेबाज आराम से सिंगल-डबल लेकर शतक तक पहुंचना चाहता है. मगर शुभम पुंडीर ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने 186वीं गेंद पर जबरदस्त छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया और इतिहास रचा. इतिहास इसलिए क्योंकि वो रणजी ट्रॉफी के फाइनल में शतक लगाने वाले जम्मू-कश्मीर के पहले बल्लेबाज बन गए हैं.
Shubham Pundir
#jkca pic.twitter.com/2aabuk7hON
— SUMER (@sumersethi01) February 24, 2026
शुभम पुंडीर के शतक की खास बात
शुभम पुंडीर ने कर्नाटक के खिलाफ रणजी फाइनल में 186 गेंदों पर 10 चौके और 2 छक्के के साथ अपना शतक पूरा किया. ये रणजी ट्रॉफी के नॉक आउट में उनका पहला शतक है. वहीं फर्स्ट क्लास करियर का चौथा शतक है. बड़ी बात ये भी है कि इससे पहले रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में शुभम पुंडीर का बल्ला खामोश रहा था. उन 2 मैचों की 4 पारियों में वो बस 40 रन ही बना सके थे. लेकिन. फाइनल जैसे बड़े मंच पर शतक जमाकर शुभम पुंडीर ने अपना लोहा खूब मनवाया. ये रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में उनका दूसरा शतक है.
