Ranji Trophy Final: कर्नाटक पर टूटी मुसीबत तो अकेले खड़े हो गए मयंक अग्रवाल, जड़ा शतक, 21वीं बार देखा ऐसा दिन

Mayank Agarwal Century: कप्तान हो तो मयंक अग्रवाल जैसा. टीम पर मुसीबत टूटी तो कर्नाटक के इस कप्तान ने विकेट पर खूंटा ही गाड़ दिया. पांव ऐसे जमाए कि शतक लगाकर ही दम लिया. उतरे तो थे मयंक, अपने जिगरी दोस्त केएल राहुल के साथ ओपन करने. मगर जम्मू-कश्मीर के खिलाफ फाइनल में यार के साथ ओपनिंग का याराना जमा नहीं. केएल राहुल सस्ते में निपट लिए और मयंक अग्रवाल देखते रहे. हद तो तब हो गई जब देखते ही देखते देवदत्त पडिक्कल, करुण नायर और रविचंद्रन स्मरन जैसे बल्लेबाजों के पांव भी उखड़ गए. उस मुश्किल घड़ी ने कप्तान मयंक की चिंता बढ़ाई जरूर, मगर वो उनके इरादे नहीं हिला पाया, जिसका नतीजा रहा कि वो शतक जड़ने में कामयाब रहे.

करियर में 21वीं बार देखा ऐसा दिन

रणजी ट्रॉफी के फाइनल में दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक मयंक अग्रवाल 130 रन बनाकर नाबाद रहे. उन्होंने ये रन 207 गेंदों पर 17 चौके की मदद से बनाए. इस दौरान उन्होंने अपना शतक 153 गेंदों पर पूरा किया. रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में ये मयंक अग्रवाल के बल्ले से निकला पहला शतक है. वहीं अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट के करियर में उन्हें 21वीं बार ऐसा दिन देखने को मिला, जब उन्होंने शतक जड़ा.

रणजी ट्रॉफी 2025-26 के नॉकआउट में मयंक अग्रवाल

रणजी ट्रॉफी के फाइनल मं शतक जमाने वाले मयंक अग्रवाल मे इससे पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मुंबई के खिलाफ भी कप्तानी पारी खेली थी. वहां उन्होंने पहली इनिंग में 92 रन की पारी खेली थी. सेमीफाइनल में उत्तराखंड के खिलाफ मयंक का बल्ला खामोश रहा. मगर फाइनल में जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत पड़ी. टीम मुश्किलों से घिरी दिखी तो वो लंगर डालकर क्रीज पर खड़े हो गए.

जम्मू-कश्मीर के खिलाफ कर्नाटक का जवाब

मयंक अग्रवाल के शतक के दम पर कर्नाटक की टीम ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 5 विकेट पर 220 रन बना लिए हैं. इससे पहले जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी फाइनल की अपनी पहली इनिंग में 584 रन बनाए थे.