Chinmay Sutar 400 not out: 2026-27 में मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नाबाद 400 रन बनाकर क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है. नागालैंड के खिलाफ दीमापुर में खेले जा रहे प्लेट ग्रुप मुकाबले में चिन्मय ने 517 गेंदों पर 400 रन की नाबाद पारी खेली.
उनकी इस पारी में 46 चौके और 7 छक्के शामिल रहे. हालांकि, वह रणजी ट्रॉफी में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सके.
78 साल पुराने रिकॉर्ड से चूके चिन्मय सुतार
चिन्मय सुतार ने अपनी पारी में 53 बाउंड्री लगाईं. उन्होंने 46 चौके और 7 छक्कों की मदद से 400 रन पूरे किए. इस उपलब्धि के साथ वह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 400 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए.
इससे पहले भाऊसाहेब बाबासाहेब निम्बालकर ने 1948-49 के सीजन में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए नाबाद 443 रन बनाए थे. उनकी पारी में 49 चौके और एक छक्का शामिल था. चिन्मय का 400 रन तक पहुंचना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन रणजी ट्रॉफी के सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड अब भी निम्बालकर के नाम है.
रणजी ट्रॉफी में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर
| खिलाड़ी (टीम) | स्कोर | सत्र/वर्ष |
| भाऊसाहेब बाबासाहेब निम्बालकर (महाराष्ट्र) | नाबाद 443 रन | 1948-49 |
| चिन्मय सुतार (मिजोरम) | नाबाद 400 रन | 2026-27 |
| पृथ्वी शॉ (मुंबई) | 379 रन | 2023 |
| संजय मांजरेकर (मुंबई) | 377 रन | 1991 |
| मटुरी श्रीधर (हैदराबाद) | 366 रन | 1994 |
400 रन बनाने के बावजूद मिजोरम का स्कोर 581 रन
चिन्मय सुतार की शानदार पारी के बावजूद मिजोरम की टीम पहली पारी में 600 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी. टीम ने 9 विकेट पर 581 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी.
चिन्मय के अलावा जेहू एंडरसन ने भी अच्छी बल्लेबाजी की. छठे नंबर पर उतरे जेहू ने 9 चौकों की मदद से 69 रन बनाए. नागालैंड की ओर से अनिल गुप्ता सबसे सफल गेंदबाज रहे. उन्होंने तीन विकेट अपने नाम किए.
दूसरे दिन नागालैंड का स्कोर 50/1
मिजोरम के 581 रन के जवाब में नागालैंड ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी पहली पारी में एक विकेट पर 50 रन बना लिए थे. ओपनर जोशुआ ओजुकुम 23 रन बनाकर नाबाद लौटे, जबकि सेदेझालिए रूपेरो 11 रन पर खेल रहे थे.
मिजोरम की ओर से खियांगते वानरोटलिंगा ने नागालैंड का एकमात्र विकेट लिया. दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक नागालैंड की टीम मिजोरम से 531 रन पीछे थी. अब मुकाबले में नागालैंड के बल्लेबाजों के सामने बड़ी साझेदारियां बनाने और पहली पारी का अंतर कम करने की चुनौती है.