मुंबई ने रणजी ट्रॉफी में रेलवे को 106 रनों से हराकर अपनी लगातार चौथी जीत दर्ज की है. युवा मुशीर खान ने आखिरी दिन शानदार गेंदबाजी करते हुए तब मैच का रुख पलट दिया, जब रेलवे एक बड़ा उलटफेर करने या कम से कम मैच ड्रॉ कराने की कगार पर था.
ब्रेबोर्न स्टेडियम में अंतिम दिन, आखिरी ड्रिंक्स ब्रेक तक रेलवे का स्कोर 250/5 था. लग रहा था कि वे मैच ड्रॉ करा लेंगे और कुछ अंक हासिल कर लेंगे. ईशान गोयल और जुबैर अली ने 83/5 के स्कोर से अपनी टीम को उबारा था और एक बेहतरीन साझेदारी निभाई थी.
रेलवे की शानदार वापसी
मुंबई के कप्तान सिद्धेश लाड ने बाद में बताया कि उन्हें और उनकी टीम को लगा था कि उस समय बस एक विकेट की बात थी, जो दोपहर में काफी देर तक नहीं मिल रहा था. गोयल और अली ने मिलकर 167 रनों की साझेदारी की. गोयल ने 186 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जबकि अली ने 102 गेंदों में तेज 115 रन बनाए. दोनों ने मुंबई के गेंदबाजों को खूब परेशान किया. अली ने बाएं हाथ के स्पिनरों और तनुष कोटियन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया. कोटियन ने बुधवार को कहा था कि बाएं हाथ के बल्लेबाज के ऑफ स्टंप के बाहर की खुरदरी जगह बाएं हाथ के स्पिनरों के लिए ज्यादा मुफीद थी, लेकिन अली ने इसे पूरी तरह से नकार दिया.
मुशीर खान का जादू
ड्रिंक्स ब्रेक के बाद पहली ही गेंद पर मुशीर ने मैच का रुख बदल दिया. गोयल ने लेग स्लिप के ऊपर से पैडल स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन मुशीर के भाई सरफराज खान, जो फर्स्ट स्लिप पर तैनात थे, ने शॉट का अनुमान लगाया और तेजी से लेग स्लिप की ओर बढ़कर कैच लपक लिया. सरफराज ने कैच लपकते ही जश्न मनाना शुरू कर दिया, क्योंकि छठे विकेट के लिए 167 रनों की यह साझेदारी आखिरकार टूट गई थी. इसके कुछ ओवर बाद, मुशीर ने अली को भी आउट कर दिया, जिन्हें सूर्यांश शेडगे ने लॉन्ग ऑफ पर कैच किया. अचानक मैच का नतीजा बदलने लगा था.
मुंबई की धमाकेदार जीत
राज चौधरी और हिमांशु सांगवान ने कुछ देर तक डटकर बल्लेबाजी की, लेकिन तनुष कोटियन ने चौधरी को आउट कर दिया. इसके बाद मुशीर ने वापस आकर आखिरी बल्लेबाज हिमांशु सांगवान को भी पवेलियन भेजा और मुंबई को 106 रनों से जीत दिलाने में मदद की. अंतिम 15 रनों में रेलवे के पांच विकेट गिरे. 42 बार के चैंपियन मुंबई ने इस सीजन में अपनी लगातार चौथी जीत दर्ज की. इससे पहले, मुंबई ने सुबह के सत्र में 234/4 पर अपनी पारी घोषित की थी, जिसमें दिव्यांश सक्सेना ने अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक पूरा किया था. उन्होंने सरफराज के साथ 60 रन जोड़े थे.