पाकिस्तान सुपर लीग का आगाज 26 मार्च से हो रहा है और उससे पहले पीसीबी बहुत बड़ी मुसीबत में है. कई खिलाड़ियों ने इस लीग से अपना नाम वापस ले लिया वहीं जो खिलाड़ी ये लीग खेलने पाकिस्तान पहुंचे हैं वो और ज्यादा पैसा मांग रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक पीसीबी न केवल खिलाड़ियों द्वारा अनुबंधों के उल्लंघन से जूझ रहा है, बल्कि ईरान-इजरायल-अमेरिका के संघर्ष के कारण कुछ खिलाड़ियों ने आखिरी समय में अपनी फीस बढ़ाने की मांग कर दी है. किन खिलाड़ियों ने पैसा बढ़ाने के लिए कहा है इसका खुलासा अबतक नहीं हुआ है.
PSL का आयोजन ही बना चैलेंज
पाकिस्तान सुपर लीग सही से आयोजित हो जाए, पीसीबी का फिलहाल यही लक्ष्य है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पीसीबी ने उन विदेशी खिलाड़ियों के खिलाफ कोई कार्रवाई तय नहीं की है जिन्होंने किसी ना किसी वजह से अपना नाम पीएसएल से वापस ले लिया. जिन खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया है, उन पर दो से चार साल तक का बैन लगाने के बारे में आंतरिक चर्चा हुई है. लेकिन एक टेंशन ये भी है कि अगर ऐसा हुआ तो भविष्य में विदेशी खिलाड़ियों का पाकिस्तान सुपर लीग में खेलना बड़ी चुनौती बन जाएगा.
आईसीसी के सामने मुद्दा उठाएगी पीसीबी
ऐसा बताया जा रहा है कि अचानक पीएसएल छोड़कर आईपीएल में शामिल होने वाले खिलाड़ियों का मुद्दा पीसीबी आईसीसी के सामने उठाएगी.पीसीबी चाहती है कि खिलाड़ी किसी लीग को चुनने के बाद किसी दूसरी लीग के लिए उसे ना छोड़ें. बता दें पीएसएल का मौजूदा सीजन अभी शुरू भी नहीं हुआ है और वेस्टइंडीज के गुडाकेश मोती और जॉनसन चार्ल्स, दासुन शनाका, ब्लेसिंग मुजरबानी, स्पेंसर जॉनसन और जेक फ्रेजर-मैकगर्क ओटनेल बार्टमैन, रहमानुल्लाह गुरबाज और टिमाल मिल्स ने अपना नाम वापस ले लिया है.
दिग्गज खिलाड़ी पाकिस्तान पहुंचे
वैसे पीएसएल के लिए अच्छी खबर ये है कि पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी स्टीव स्मिथ और मार्नस लाबुशेन, न्यूजीलैंड के मार्क चैपमैन और डेवोन कॉन्वे, दक्षिण अफ्रीका के तबरेज शम्सी समेत कई विदेशी खिलाड़ी लाहौर पहुंच गए हैं. अगले 48 घंटे में कई और विदेशी खिलाड़ी पाकिस्तान पहुंच सकते हैं. बांग्लादेश के खिलाड़ी नाहिद राणा, मुस्तफिजुर रहमान, शोरिफुल इस्लाम और परवेज़ एमोन ने पाकिस्तानी सरजमीं पर कदम रख दिया है. हालांकि विदेशी खिलाड़ियों को पाकिस्तान में धमकी भी मिल रही है.