नई दिल्ली: क्रिकेट के मैदान पर बेईमानी करने के लिए पाकिस्तान बदनाम है। पाकिस्तानी अंपायर भी अपने खिलाड़ियों की इसमें खूब मदद करते हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मैच के दौरान बाबर आजम सीधे-सीधे एलबीडब्ल्यू थे।
इसके बाद भी थर्ड अंपायर नॉट आउट दे रहे थे। टीवी डायरेक्टर को बीच में उन्हें नियम बताना पड़ा, इसके बाद बाबर आजम पवेलियन लौटे। अब दोनों टीमों के बीच हुए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में भी पाकिस्तान ने खुलेआम बेईमानी की और यह पकड़ी भी गई।
ख्वाजा नफे ने स्टंपिंग की
पाकिस्तान के बाएं हाथ के स्पिनर मोहम्मद नवाज की गेंद पर कूपर कोनोली स्टंप हो गए। 14वें ओवर की 5वीं गेंद पर कोनोली ने आगे निकलकर शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद ऑफ स्टंप के बाहर गिरने के बाद तेजी से लेग स्टंप की तरफ टर्न हुई और कोनोली चूक गए। विकेटकीपर ख्वाजा नफे ने लेग साइड में गेंद को लपका और बेल्स गिरा दिए। कूपर कोनोली क्रीज के अंदर तक नहीं आ पाए थे और अंपायर ने उन्हें आउट करार दिया।
अंपायर तक को नहीं दिखा
ख्वाजा नफे ने दोनों हाथों से गेंद को लपका था। वह विकेट से दूर थे और इसी वजह से बाएं हाथ से बेल्स गिरा। लेकिन गेंद उनके हाथ में थी ही नहीं। गेंद नफे के दाहिने हाथ में थी। मैदानी अंपायर से लेकर थर्ड अंपायर तक किसी को यह दिखाई नहीं दिया। अंपायर ने कूपर कोनोली को आउट करार दिया औ उन्हें बिना खाता खोले पवेलियन लौटना पड़ा।
आईसीसी के नियम क्या कहते हैं?
आईसीसी की नियम के अनुसार कूपर कोनोली नॉट आउट थे लेकिन इसके बाद भी उन्हें वापस लौटना पड़ा। आईसीसी के नियम 29.2.1 के अनुसार- विकेट को गिरा हुआ माना जाएगा अगर कोई बेल पूरी तरह से हट जाए या फील्डर के हाथ या बांह से स्टंप गिर जाए। इस दौरान गेंद उसी हाथ में होनी चाहिए जिससे बेल या स्टंप गिरा हो।